एमपी हाई कोर्ट ने भोजशाला को माना सरस्वती मंदिर, ओवैसी भड़के, कहा- सुप्रीम कोर्ट फैसले को पलट देगा

असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि हमें उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट इस फैसले को सही करेगा और इस आदेश को पलट देगा. इस फैसले में बाबरी मस्जिद पर दिए गए फैसले जैसी स्पष्ट समानताएं दिखाई देती हैं.

May 15, 2026 - 21:43
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एमपी हाई कोर्ट ने भोजशाला को माना सरस्वती मंदिर, ओवैसी भड़के, कहा- सुप्रीम कोर्ट फैसले को पलट देगा


भोपाल। मध्य प्रदेश के धार जिले के भोजशाला- मौला कमाल मस्जिद विवाद मामले में हाई कोर्ट ने शुक्रवार (15 मई, 2026) को बड़ा फैसला सुनाते हुए कहा कि विवादित स्थल मूल रूप से देवी सरस्वती का मंदिर है और ऐतिहासिक के साथ पुरातात्विक सबूत भी इसी बात का समर्थन करते हैं। इसके साथ ही, अदालत ने यह भी कहा कि मुसलमानों के मस्जिद के लिए किसी दूसरी जगह पर वैकल्पिक जमीन मुहैया कराई जा सकती है। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के इस फैसले पर अब एआईएमएईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की टिप्पणी सामने आई है।

असदुद्दीन ओवैसी ने भोजशाला मामले पर टिप्पणी करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर किया। उन्होंने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के इस फैसले को बाबरी मस्जिद पर दिए अदालत के फैसले से जोड़ते हुए अपने पोस्ट में कहा, ‘हमें उम्मीद है कि देश का सर्वोच्च न्यायालय इस फैसले को सही करेगा और इस आदेश को पलट देगा। इस फैसले में बाबरी मस्जिद पर दिए गए फैसले जैसी स्पष्ट समानताएं दिखाई देती हैं।’

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला और न्यायमूर्ति आलोक अवस्थी की बेंच ने इस मामले में उस पुराने आदेश को खारिज कर दिया, जिसके तहत मुस्लिम पक्षा को भोजशाला में नमाज अदा करने की अनुमति थी।

उल्लेखनीय है कि साल 2003 में आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया की तरफ से बनाई गई व्यवस्था के मुताबिक, हिंदू धर्मावलंबी मंगलवार के दिन और मुस्लिम शुक्रवार को वहां पूजा-अर्चना और नमाज अदा करते रहे हैं। इसके बाद हिंदू पक्ष ने अदालत में याचिका दायर कर परिसर में विशेष पूजा करने के अधिकार की मांग की थी।

हाई कोर्ट ने कहा कि उसका फैसला पुरातात्विक और ऐतिहासिक सबूतों, एएसआई की रिपोर्ट और अयोध्या मामले के फैसले में सुप्रीम कोर्ट की ओर से तय सिद्धांतों के आधार पर दिया गया है। अदालत ने अपने फैसले में कहा, ‘हमने पुरातात्विक और ऐतिहासिक सबूतों के साथ एएसआई की अधिसूचनाओं और सर्वे रिपोर्ट पर विचार किया है।