भारत और यूएई साथ मिलकर बनाएंगे हथियार, दोनों देशों में रक्षा समझौते पर दस्तखत, दुनिया देखेगी नई ताकत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यूएई दौरे के दौरान दोनों देशों में रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर हुए हैं। इस समझौते के तहत भारत और यूएई रक्षा उपकरणों और एडवांस्ड टेक्नोलॉजी के निर्माण में संयुक्त उत्पादन पर काम करेंगे और औद्योगिक साझेदारी को मजबूत बनाएंगे। इससे पाकिस्तान और सऊदी अरब की टेंशन बढ़ सकती है।  

May 15, 2026 - 21:14
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भारत और यूएई साथ मिलकर बनाएंगे हथियार, दोनों देशों में रक्षा समझौते पर दस्तखत, दुनिया देखेगी नई ताकत

दुबई। भारत और यूएई ने शुक्रवार को स्ट्रैटजिक डिफेंस पार्टनरशिप पर हस्ताक्षर किए हैं। यह सौदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यूएई दौरे के दौरान हुआ है। इसके तहत भारत और यूएई रक्षा उपकरणों और एडवांस्ड टेक्नोलॉजी के निर्माण में संयुक्त उत्पादन और औद्योगिक साझेदारी को मजबूत करेंगे। यूएई भारत के तेजी से बढ़ते रक्षा उद्योग में बड़ा निवेश भी करेगा। इससे भारत और यूएई दोनों की सैन्य ताकत में जबरदस्त इजाफा होने की उम्मीद है। इस समझौते को यूएई के सबसे बड़े दुश्मन सऊदी अरब और भारत के सबसे बड़े दुश्मन पाकिस्तान के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

भारत-यूएई डिफेंस पार्टनरशिप को 'रक्षा औद्योगिक सहयोग के लिए रणनीतिक ढांचा' (Strategic Framework for Defence Industrial collaboration) नाम दिया गया है, जो सिर्फ उद्योग और टेक्नोलॉजी तक ही सीमित नहीं है। इसमें दोनों पक्षों के बीच "प्रशिक्षण, अभ्यास, शिक्षा और सिद्धांत, विशेष अभियान और इंटरऑपरेबिलिटी, समुद्री सुरक्षा, साइबर रक्षा, सुरक्षित संचार और सूचना आदान-प्रदान" पर सहयोग शामिल है।  

शुक्रवार को अबू धाबी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन ज़ायद अल नाहयान के बीच हुई द्विपक्षीय बैठक के बाद दोनों पक्षों ने 'रणनीतिक रक्षा साझेदारी के लिए ढांचा' की घोषणा की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने X पर इस समझौते के बारे में पोस्ट किया और बताया: "यह रक्षा औद्योगिक सहयोग को मज़बूत करता है और इनोवेशन तथा टेक्नोलॉजी के आदान-प्रदान को बढ़ावा देता है।"

वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का रक्षा निर्यात 38,424 करोड़ रुपये (लगभग 4 अरब डॉलर) रहा और इसका रक्षा उत्पादन 1.54 लाख करोड़ रुपये (लगभग 16 अरब डॉलर) तक पहुँच गया। इस साल जनवरी में, जब यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन ज़ायद अल नाहयान नई दिल्ली की राजकीय यात्रा पर थे, तब दोनों देशों ने एक रणनीतिक रक्षा साझेदारी के लिए एक ढांचागत समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में काम करने के लिए एक आशय पत्र पर हस्ताक्षर किए थे। शुक्रवार को अबू धाबी में इस ढांचे पर सहमति बनी।

यह ढांचा रक्षा औद्योगिक सहयोग, रक्षा इनोवेशन, रक्षा क्षेत्र में एडवांस्ड टेक्नोलॉजी में साझेदारी, साथ ही प्रशिक्षण और शिक्षा के क्षेत्र में संबंधों के विस्तार पर केंद्रित है; संभवतः इसमें दोनों देशों के विशेष बलों के बीच प्रशिक्षण भी शामिल है।