बरेली में मोदी-योगी की अपील पर भारी पड़ा वीआईपी प्रोटोकॉल, शहर में पर्यटन मंत्री के काफिले में दिखीं दर्जन भर से ज्यादा गाड़ियां

बरेली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार देशवासियों से पेट्रोल-डीजल की बचत, पर्यावरण संरक्षण और अनावश्यक वाहन उपयोग कम करने की अपील कर रहे हैं, लेकिन गुरुवार को बरेली में जो तस्वीर सामने आई उसने सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के बीच बड़ा सवाल खड़ा कर दिया। प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह का काफिला जब शहर की सड़कों पर उतरा तो एक-दो नहीं बल्कि एक दर्जन से अधिक गाड़ियां धूल उड़ाती नजर आईं। वीआईपी प्रोटोकॉल के नाम पर लंबा काफिला शहर की ट्रैफिक व्यवस्था और ईंधन बचत की नसीहतों पर भारी पड़ता दिखाई दिया।

May 15, 2026 - 12:02
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बरेली में मोदी-योगी की अपील पर भारी पड़ा वीआईपी प्रोटोकॉल, शहर में पर्यटन मंत्री के काफिले में दिखीं दर्जन भर से ज्यादा गाड़ियां

त्रिवटीनाथ मंदिर में हुआ करोड़ों की परियोजनाओं का कार्यक्रम

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह गुरुवार को बरेली पहुंचे, जहां उन्होंने नाथ कॉरिडोर के अंतर्गत पर्यटन विकास की विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। कार्यक्रम त्रिवटी नाथ सत्संग भवन में आयोजित किया गया। इस दौरान वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार, सांसद छत्रपाल गंगवार, जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल, विधान परिषद सदस्य कुंवर महाराज सिंह एवं बहोरन लाल मौर्य, विधायक डॉ. डीसी वर्मा, विधायक डॉ. एमपी आर्य, भाजपा महानगर अध्यक्ष अधीर सक्सेना, राज्य महिला आयोग सदस्य पुष्पा पाण्डेय, पार्षद शालिनी जौहरी सहित तमाम जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।

कार्यक्रम में जिलाधिकारी अविनाश सिंह, अपर जिलाधिकारी नगर सौरभ दुबे, उप निदेशक पर्यटन रविन्द्र कुमार समेत कई प्रशासनिक अधिकारी भी अलग-अलग वाहनों से पहुंचे।

शहर में दो घंटे तक दौड़ता रहा वीआईपी काफिला

पर्यटन मंत्री का काफिला शाहजहांपुर रोड से बरेली में दाखिल हुआ। सबसे पहले त्रिवटीनाथ मंदिर पहुंचा, इसके बाद सर्किट हाउस के निकट वन मंत्री के आवास पर गया। वहां से धोपेश्वरनाथ महादेव मंदिर में चल रहे पर्यटन कार्यों का निरीक्षण किया गया। करीब दो घंटे तक शहर की प्रमुख सड़कों पर सुरक्षा वाहनों, पुलिस फोर्स और अधिकारियों की गाड़ियों का लंबा काफिला चलता रहा।

स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय यही रहा कि जब सरकार खुद ईंधन बचत और प्रदूषण नियंत्रण का संदेश दे रही है तो आखिर वीआईपी मूवमेंट में इतनी बड़ी संख्या में वाहनों की जरूरत क्यों पड़ रही है।

वन मंत्री ने पेश की अलग मिसाल

एक तरफ पर्यटन मंत्री का लंबा काफिला चर्चा में रहा, वहीं दूसरी ओर वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. अरुण कुमार ने अलग उदाहरण पेश किया। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पर्यावरण संरक्षण अभियान को आत्मसात करते हुए अपना पारंपरिक वाहन बदल दिया है। अब वह क्षेत्रीय भ्रमण इलेक्ट्रिक फोर-व्हीलर से करेंगे।

गुरुवार को उन्होंने सिविल लाइंस स्थित आवास से लल्ला मार्केट स्थित कैंप कार्यालय तक इलेक्ट्रिक वाहन से यात्रा की। खास बात यह रही कि उन्होंने सुरक्षा कर्मियों और निजी सचिव को भी उसी वाहन में साथ लेकर सफर किया।

वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार ने कहा कि बढ़ते वैश्विक पर्यावरण संकट को देखते हुए हर व्यक्ति को वाहन उपयोग कम करने की दिशा में कदम उठाना चाहिए। उनका कहना था कि छोटे-छोटे प्रयास ही भविष्य में पर्यावरण संरक्षण की बड़ी क्रांति बन सकते हैं।

जनता पूछ रही- नियम सिर्फ आम आदमी के लिए?

बरेली में गुरुवार को दिखी यह तस्वीर कई सवाल छोड़ गई। क्या पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील सिर्फ आम जनता के लिए है? क्या वीआईपी संस्कृति में ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण के नियम लागू नहीं होते? सरकार की नसीहत और नेताओं की कार्यशैली के बीच का यह विरोधाभास अब चर्चा का बड़ा विषय बनता जा रहा है।

SP_Singh AURGURU Editor