अवैध साम्राज्य ढहा, योगी मॉडल जीता, आगरा में 120 करोड़ की ज़मीन खाली

आगरा के अजीतनगर–खेरिया मोड़ क्षेत्र में प्रशासन ने 120 करोड़ रुपये मूल्य की 5.6 हेक्टेयर सरकारी जमीन को भूमाफियाओं से मुक्त कराया। 300 कर्मचारियों और भारी मशीनरी के साथ की गई इस कार्रवाई के बाद यहां मिनी स्टेडियम बनाने का प्रस्ताव भेजा गया है।

Jan 18, 2026 - 14:53
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अवैध साम्राज्य ढहा, योगी मॉडल जीता, आगरा में 120 करोड़ की ज़मीन खाली
कब्जे से खाली कराकर सफाई करते निगमकर्मी

अजीतनगर–खेरिया मोड़ पर बड़ी कार्रवाई, अब इसी ज़मीन पर बनेगा मिनी स्टेडियम, युवाओं को मिलेगा खेलों का नया केंद्र

आगरा। आगरा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति एक बार फिर ज़मीन पर उतरती दिखी। अजीतनगर क्षेत्र के खेरिया मोड़ चौकी के पीछे स्थित 5.6 हेक्टेयर (करीब 14 एकड़) सरकारी भूमि को प्रशासन ने अवैध कब्जे से मुक्त कराकर एक बड़ी मिसाल कायम की है। बाजार कीमत के हिसाब से इस जमीन की अनुमानित कीमत करीब 120 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

प्रशासनिक जांच में सामने आया कि इस बहुमूल्य सरकारी ज़मीन पर खुर्शीद खान उर्फ लल्ला, अमजद, चांद बाबू खान और अफ्ताफ खान (निवासी सराय ख्वाजा) द्वारा फर्जी दस्तावेजों के सहारे अवैध कब्जा किया गया था। लगातार मिल रही शिकायतों और जांच रिपोर्ट के बाद जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए बुलडोजर कार्रवाई को अंजाम दिया।

प्रशासन की पूरी ताकत उतरी मैदान में

इस कार्रवाई को सफल बनाने के लिए प्रशासन ने अभूतपूर्व तैयारी की। मौके पर नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी, पुलिस बल सहित करीब 300 कर्मचारी, 7 जेसीबी मशीनें, 10 ट्रैक्टर और 6 डंपर तैनात किए गए। भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अवैध निर्माणों को एक-एक कर पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। कुछ ही घंटों में वर्षों से कब्जाई गई जमीन प्रशासन के नियंत्रण में आ गई।

जनता को मिलेगा तोहफा

कार्रवाई के बाद आगरा के जिलाधिकारी ने इस ज़मीन पर मिनी स्टेडियम के निर्माण का प्रस्ताव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजा है। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो यह इलाका जल्द ही युवाओं खिलाड़ियों, स्थानीय नागरिकों के लिए खेल गतिविधियों का बड़ा केंद्र बनेगा। इससे न सिर्फ क्षेत्र का विकास होगा, बल्कि प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का मंच भी मिलेगा।

योगी मॉडल पर जनता की मुहर

स्थानीय नागरिकों में इस कार्रवाई को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। लोगों का कहना है कि यह कदम साफ संदेश देता है कि सरकारी ज़मीन पर कब्जा करने वालों के लिए अब कोई जगह नहीं है। साथ ही, मुक्त कराई गई भूमि को जनहित में इस्तेमाल करना योगी सरकार की विकासवादी सोच को दर्शाता है।