आगरा की बेटी ने लिखी नई उड़ान की कहानी: कैडेट यामिनी चाहर ने 1250 फीट से लगाई साहसिक छलांग

एनसीसी की सबसे चुनौतीपूर्ण एयरबोर्न ट्रेनिंग में आगरा की कैडेट यामिनी चाहर ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए 1250 फीट की ऊंचाई से सफल पैराशूट जंप किया। आर्मी एयरबोर्न ट्रेनिंग स्कूल, आगरा में आयोजित इस पैरा बेसिक कोर्स में देशभर से चुने गए कैडेट्स के बीच यामिनी ने अपने कौशल, अनुशासन और दृढ़ संकल्प से आगरा कॉलेज का नाम गौरवान्वित किया।

Dec 1, 2025 - 18:28
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आगरा की बेटी ने लिखी नई उड़ान की कहानी: कैडेट यामिनी चाहर ने 1250 फीट से लगाई साहसिक छलांग
1250 फीट से पैराशूट जंप लगाने वाली आगरा कॉलेज की एनसीसी कैडेट यामिनी चाहर, जिन्होंने पैरा बेसिक कोर्स में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर शहर का नाम रोशन किया है।

आगरा। एयरबोर्न ट्रेनिंग एनसीसी की सबसे कठिन और एडवेंचरस ट्रेनिंग मानी जाती है। इसी चुनौतीपूर्ण पैरा बेसिक कोर्स में आगरा कॉलेज एनसीसी आर्मी विंग की अंडर ऑफिसर यामिनी चाहर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 1250 फीट की ऊंचाई से पैराशूट जंप पूरी की। यह प्रशिक्षण आर्मी एयरबोर्न ट्रेनिंग स्कूल, पीटीएस एयरफोर्स स्टेशन आगरा में आयोजित हुआ, जिसमें देशभर से 30 लड़के और 30 लड़कियों का चयन किया गया था।

फाइनल जंप के दौरान कैडेट्स को एयरफोर्स के ट्विन इंजन ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट एएन-32 से छलांग लगानी थी, जिसकी सामान्य गति 470 किमी प्रति घंटा होती है। यह जंप 25 नवंबर को मालपुरा ड्रॉपिंग जोन में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।

कंपनी कमांडर कैप्टन अमित अग्रवाल ने बताया कि 3 से 25 नवंबर तक चले इस कोर्स में कैडेट्स को 12 दिन का ग्राउंड प्रशिक्षण दिया गया। इसके बाद 30 मीटर की हानेंस जंपिंग, पोजिशनिंग, फियर-कंट्रोल, एक्जिट, लैंडिंग रोल और जंप चेक की प्रैक्टिस कराई गई। 10-10 कैडेट्स के ग्रुप बनाकर क्राफ्ट में बैठने, टेकऑफ और जंप प्रक्रिया का विस्तृत अभ्यास कराया गया।

फाइनल मुकाबले के लिए 2-2 बेस्ट कैडेट्स चुने गए। जंप के बाद बेस्ट पैराट्रपर का टेस्ट भी हुआ, जिसमें रैंप और रिंग लैंडिंग का परीक्षण शामिल था। कैडेट्स को उच्च स्तरीय शारीरिक फिटनेस की आवश्यकता होती है, जिसमें पुशअप, पुलअप, सिटअप, स्क्वॉट जंप और रनिंग शामिल है। गर्ल्स कैडेट्स को 1 किमी दौड़ 4 मिनट में पूरी करनी थी।

कैप्टन अग्रवाल ने बताया कि जंप के दौरान कैडेट्स को 25 किलोग्राम से अधिक वजन लेकर चलना होता है, जिसमें 13.5 किग्रा मुख्य पैराशूट, 6.5 किग्रा इमरजेंसी पैराशूट और हेलमेट शामिल हैं। इस वजन के साथ रोज 1.5 किमी वॉक अनिवार्य थी। इसके साथ ही मानसिक दृढ़ता और प्रतीक्षा कौशल भी विकसित करना होता है, क्योंकि किसी भी समय टीम का टर्न घोषित किया जा सकता है।

यामिनी चाहर की इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर प्राचार्य प्रो. सीके गौतम, एनसीसी ग्रुप कमांडर ब्रिगेडियर एनएस चारग, वन यूपी बटालियन के कर्नल अंकुर सुहाग, कंपनी कमांडर कैप्टन अमित अग्रवाल, तथा एनसीसी कैडेट्स और पदाधिकारियों ने बधाई दी।

SP_Singh AURGURU Editor