एयर पिस्टल शूटिंग में आगरा की बेटियों का कमाल, डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की टीम ने जीता कांस्य
आगरा। खेलो इंडिया 2025 के अंतर्गत जगतपुरा स्टेडियम में आयोजित 10 मीटर एयर पिस्टल शूटिंग प्रतियोगिता में डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा की महिला टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक पर कब्जा जमाया। इस उपलब्धि ने विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय मंच पर एक बार फिर गौरवान्वित किया है।
आगरा। खेलो इंडिया 2025 के अंतर्गत जगतपुरा स्टेडियम में आयोजित 10 मीटर एयर पिस्टल शूटिंग प्रतियोगिता में डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा की महिला टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक पर कब्जा जमाया। इस उपलब्धि ने विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय मंच पर एक बार फिर गौरवान्वित किया है।
विश्वविद्यालय की तीन युवा शूटर शशि कुमारी, तनु कुमारी और कशिश ने प्रतियोगिता के दौरान उत्तम संतुलन, स्थिरता, मानसिक मजबूती और सूक्ष्म निशानेबाजी का प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतिस्पर्धा में कड़ी टक्कर के बीच टीम ने शानदार तालमेल दिखाते हुए लक्ष्य को सटीक रूप से भेदा और तीसरा स्थान अपने नाम कर लिया। खेल विशेषज्ञों के अनुसार, टीम का प्रदर्शन तकनीकी रूप से बेहद मजबूत रहा और प्रतियोगिता के हर चरण में खिलाड़ियों ने अनुशासन और आत्मविश्वास का परिचय दिया।
खिलाड़ियों की मेहनत और समर्पण का परिणाम—कुलपति
विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. आशु रानी ने टीम की सफलता पर बधाई देते हुए कहा कि यह पदक आगरा विश्वविद्यालय की खेल संस्कृति और खिलाड़ियों की मेहनत का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि हमारी बेटियों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का दम दिखाया है। यह उपलब्धि आने वाले खिलाड़ियों को भी प्रेरित करेगी।
उच्च स्तरीय प्रशिक्षण का दिखा असर
खेल विभाग के निदेशक डॉ. अखिलेश सक्सेना ने बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय कोचिंग, आधुनिक उपकरण और अनुकूल माहौल प्रदान किया जा रहा है, जिसका प्रतिफल अब राष्ट्रीय स्तर पर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि इस सफलता से खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ा है और विश्वविद्यालय भविष्य में और अधिक पदक जीतने की तैयारी कर रहा है।
आगरा विश्वविद्यालय के लिए बड़ी उपलब्धि
कांस्य पदक न केवल तीनों खिलाड़ियों की व्यक्तिगत जीत है, बल्कि विश्वविद्यालय के खेल विभाग की निरंतर मेहनत और महिलाओं के खेल जगत में बढ़ती भागीदारी का प्रतीक भी है। इस उपलब्धि ने आगरा के खेल इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है।