आगरा का सिल्वर उद्योग पाएगा ग्लोबल शाइन, कॉमन फैसिलिटी सेंटर की डीपीआर सरकार को भेजी गई

आगरा। चांदी कारीगरी की पहचान को पुनर्जीवित करने की दिशा में आगरा का सर्राफा उद्योग एक नए दौर में प्रवेश करने जा रहा है। शहर के प्रमुख सिल्वर मार्केट क्षेत्र में अत्याधुनिक कॉमन फैसिलिटी सेंटर (सीएफसी) की स्थापना से चांदी कारोबार को नई तकनीक, बेहतर डिज़ाइनिंग और अंतरराष्ट्रीय स्तर की गुणवत्ता जांच जैसी सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिलेंगी। इस पहल से आगरा का सिल्वर उद्योग न केवल ग्लोबल मार्केट में प्रतिस्पर्धा करेगा, बल्कि स्थानीय कारीगरों को स्किल डेवलपमेंट, टेक्नोलॉजिकल अपग्रेडेशन, ई-कॉमर्स सपोर्ट और इनोवेशन के अवसर भी मिलेंगे।

Oct 13, 2025 - 19:23
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आगरा का सिल्वर उद्योग पाएगा ग्लोबल शाइन, कॉमन फैसिलिटी सेंटर की डीपीआर सरकार को भेजी गई
शहर के प्रमुख सिल्वर उद्योग के लिए स्थापित किये जाने वाले कॉमन फैसिलिटी सेंटर (सीएफसी) के बारे में बताते नितेश अग्रवाल, बृजमोहन रैपुरिया और अन्य।

इसके लिए आगरा के विभिन्न सर्राफा व्यवसायिक संगठनों ने एकत्रित होकर आगरा सर्राफा ट्रेड डवलपमेंट एसोसिएशन द्वारा संयुक्त रूप से कॊमन फैसिलिटी सेंटर की डीपीआर तैयार कर सरकार के पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया है।

होटल पीएल पैलेस में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान आगरा सर्राफा ट्रेड डेवलपमेंट एसोसिएशन ने बताया कि आगरा के पारंपरिक चांदी उद्योग को आधुनिक स्वरूप देने के लिए सरकार के सहयोग से इस सेंटर की रूपरेखा तैयार की गई है। संघ के अध्यक्ष नितेश अग्रवाल ने बताया कि यह सेंटर न केवल तकनीकी उन्नयन का प्रतीक होगा, बल्कि आगरा की सांस्कृतिक धरोहर को नई पहचान भी देगा। सिल्वर मार्केट में प्रस्तावित इस केंद्र के लिए डीपीआर तैयार कर सरकार के पोर्टल पर अपलोड कर दी गई है।

उन्होंने बताया कि आगरा की चांदी ज्वैलरी को वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट में शामिल करने के लिए भी आवेदन किया गया है। इससे आगरा के सिल्वर उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में नया प्लेटफार्म मिलेगा।

आगरा सर्राफा मैन्यूफैक्चरर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष बृजमोहन रैपुरिया ने कहा, यह सेंटर हमारे उद्योग के लिए संजीवनी सिद्ध होगा। इससे चांदी उद्योग को असंगठित से संगठित क्षेत्र में लाने में मदद मिलेगी। आधुनिक तकनीक और डिज़ाइनिंग के सहारे हमारे उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में निर्यात प्रतिद्वंद्विता हासिल करेंगे और यह प्रयास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के विज़न को साकार करने की दिशा में योगदान देगा।

संयोजक विकास आनंद वर्मा ने बताया कि इस सेंटर से न केवल पारंपरिक कारीगरों को लाभ मिलेगा, बल्कि युवाओं के लिए भी उद्योग में नए अवसर खुलेंगे। इससे रोजगार सृजन बढ़ेगा और आगरा की स्थानीय अर्थव्यवस्था को नया बल मिलेगा।

कार्यक्रम में पवन दोनेरिया, राकेश मोहन, अशोक अग्रवाल, निर्मल जैन, कुलभूषण गुप्ता, राम भाई, प्यारेलाल, सीए सुधीर महेश्वरी, मनोज वर्मा, धीरज वर्मा, हैप्पी भाई, नितिन अग्रवाल, अशोक गुप्ता, अजय शिवहरे, मयंक अग्रवाल और मायन जैन सहित अनेक सर्राफा व्यापारी उपस्थित रहे।

क्या होगा खास इस कॉमन फैसिलिटी सेंटर में

सस्ता रॉ मैटेरियल, अत्याधुनिक अंतर्राष्ट्रीय स्तर की मशीनरी, आधुनिक सीएडी-सीएएम डिजाइनिंग लैब, फिनिशिंग और पॉलिशिंग मशीनें, क्वालिटी टेस्टिंग यूनिटस उत्पाद की हॉलमार्किंग सुविधा, कारीगरों के लिए प्रशिक्षण कक्षाएं और ऑनलाइन विपणन की सुविधा इस सेंटर में उपलब्ध होंगी।

कारीगरों को मिलेगा नया जीवन

आगरा की सदियों पुरानी चांदी कारीगरी अपने शिल्प और सौंदर्य के लिए विश्वविख्यात है, लेकिन संसाधनों और नई तकनीक की कमी के कारण कई कारीगर इस पेशे से दूर हो गए थे। कॉमन फैसिलिटी सेंटर की स्थापना से अब उन्हें न केवल डिज़ाइन और तकनीक में निपुणता मिलेगी बल्कि अपने उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर भी मिलेगा। इससे आगरा का सिल्वर उद्योग पुनः अपनी चमक हासिल करेगा और वैश्विक पहचान पाएगा।

SP_Singh AURGURU Editor