एहसान फरामोश तुर्की-अज़रबैजान से तोड़े जाएं सभी रिश्ते- पीएम मोदी को हिंदुस्तानी बिरादरी का संदेश
-भारत की पीठ में छुरा घोंप रहे तुर्की-अज़रबैजान: हिंदुस्तानी बिरादरी
पाकिस्तान के पक्ष में खुलकर खड़े हो रहे तुर्की और अज़रबैजान को लेकर देशभर में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। आगरा की प्रतिष्ठित सामाजिक संस्था हिंदुस्तानी बिरादरी ने इन दोनों देशों के प्रति कड़ा रुख अपनाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजकर सभी प्रकार के संबंध तोड़ने की मांग की है।
भारत का नमक खाकर पाकिस्तान के साथ- डॉ. सिराज कुरैशी
हिंदुस्तानी बिरादरी के अध्यक्ष डॉ. सिराज कुरैशी, जो भारत सरकार के कबीर सम्मान से सम्मानित हैं, ने कहा कि भारत ने हर संकट की घड़ी में तुर्की और अज़रबैजान की मदद की, लेकिन आज यही देश भारत के विरोधी पाकिस्तान के साथ खड़े हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ऐसे देशों से राजनयिक, राजनीतिक और व्यापारिक संबंध तुरंत समाप्त किए जाएं और उनके राजदूतों को वापस भेजा जाए।
हमने इन्हें सैलानी भेजे, इन्होंने भेजा धोखा– विशाल शर्मा
हिंदुस्तानी बिरादरी के वाइस चेयरमैन एवं आगरा टूरिस्ट वेलफेयर चैम्बर के सचिव विशाल शर्मा ने कहा कि भारतीय पर्यटकों ने तुर्की और अज़रबैजान की अर्थव्यवस्था को वर्षों तक लाभ पहुंचाया। अब ये वही देश पाकिस्तान की गोद में बैठकर भारत विरोध कर रहे हैं। उन्होंने पर्यटन क्षेत्र के कारोबारियों से अपील की कि इन देशों से भविष्य में दूरी बनाई जाए।
निर्यात पर रोक लगाने की मांग
संस्था के सदस्य आमिर कुरैशी ने बताया कि भारत तुर्की को बड़े पैमाने पर इंजीनियरिंग उत्पाद, पेट्रोलियम, दवाइयां और रसायन भेजता है। अब यह निर्यात बंद किया जाना चाहिए। वहीं महासचिव विजय उपाध्याय ने कहा कि अज़रबैजान और तुर्की भारत के बासमती चावल के दीवाने हैं, उन्हें अब इसका स्वाद नहीं मिलना चाहिए।
गोष्ठी में जताया एक सुर में विरोध
संस्था की इस विरोध गोष्ठी में ज़ियाउद्दीन, दीप शर्मा, ग्यास कुरैशी, राजू सिंह, अमर सिंह बघेल, मोहम्मद शरीफ काले, समी आग़ाई समेत कई गणमान्य लोग शामिल रहे। संचालन समीर कुरैशी ने किया।