लोकसभा में गूंजी बाह-बटेश्वर की आवाज, सांसद राजकुमार चाहर ने ‘अटल नगर’ और नए जिले की मांग उठाई
लोकसभा के बजट सत्र में फतेहपुर सीकरी सांसद और भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजकुमार चाहर ने आगरा के बाह-बटेश्वर को “अटल नगर” घोषित कर नया जिला बनाए जाने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि बाह-बटेश्वर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का पैतृक गांव है और जैन धर्म के 22वें तीर्थंकर भगवान नेमिनाथ की तपोस्थली सोरीपुर-बटेश्वर के रूप में विश्व प्रसिद्ध है। सांसद ने तर्क दिया कि आगरा मुख्यालय से लगभग 100 किमी दूरी होने के कारण क्षेत्र की जनता को प्रशासनिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उनका कहना है कि नया जिला बनने से पर्यटन, रोजगार, बुनियादी ढांचे और प्रशासनिक सुविधाओं को बड़ा लाभ मिलेगा। अटल जी के जन्म शताब्दी वर्ष में इस मांग को उन्होंने उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि बताया।
आगरा। लोकसभा के बजट सत्र के दौरान भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं फतेहपुर सीकरी लोकसभा क्षेत्र से सांसद राजकुमार चाहर ने आगरा जनपद के बाह-बटेश्वर क्षेत्र को नई प्रशासनिक और सांस्कृतिक पहचान दिलाने की जोरदार मांग उठाई। सांसद ने सदन में मांग की कि बाह-बटेश्वर को “अटल नगर” घोषित किया जाए और इसे नया जिला बनाया जाए।
सांसद राजकुमार चाहर ने अपने वक्तव्य में कहा कि बाह-बटेश्वर, भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का पैतृक गांव है। ऐसे में यह क्षेत्र केवल आगरा ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए ऐतिहासिक, राजनीतिक और भावनात्मक महत्व रखता है। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी जैसे महान नेता की स्मृतियों से जुड़ा यह क्षेत्र आज भी उस स्तर की पहचान और विकास से वंचित है, जिसका वह वास्तविक हकदार है।
धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व भी बताया
सांसद चाहर ने सदन में यह भी रेखांकित किया कि बाह-बटेश्वर विश्व प्रसिद्ध धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर है। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र जैन धर्म के 22वें तीर्थंकर भगवान नेमिनाथ जी की तपोस्थली श्योरीपुर -बटेश्वर के रूप में भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचाना जाता है। इसके अलावा बटेश्वर अपने प्राचीन मंदिर समूह, धार्मिक परंपराओं और ऐतिहासिक विरासत के कारण लंबे समय से आस्था और पर्यटन का प्रमुख केंद्र रहा है।
उन्होंने कहा कि बाह-बटेश्वर में धार्मिक पर्यटन, सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक महत्व की अपार संभावनाएं मौजूद हैं, लेकिन आज तक यह क्षेत्र उन संभावनाओं के अनुरूप विकसित नहीं हो सका है।
पर्यटन की अपार संभावनाएं, लेकिन संसाधनों की कमी
राजकुमार चाहर ने कहा कि बाह-बटेश्वर क्षेत्र पर्यटन के लिहाज से बेहद समृद्ध है, लेकिन अभी तक इसे पर्याप्त सरकारी ध्यान, बुनियादी ढांचा और ब्रांडिंग नहीं मिल पाई है। यदि इसे “अटल नगर” के रूप में विकसित किया जाए और नए जिले का दर्जा मिले, तो यह क्षेत्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर और अधिक मजबूती से स्थापित हो सकता है।
उन्होंने कहा कि इससे न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर, व्यापारिक गतिविधियों में तेजी, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और प्रशासनिक ढांचे में सुधार जैसे कई सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।
100 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय
सांसद चाहर ने अपनी मांग के समर्थन में एक बड़ा प्रशासनिक तर्क भी रखा। उन्होंने कहा कि बाह-बटेश्वर क्षेत्र आगरा जिला मुख्यालय से लगभग 100 किलोमीटर दूर स्थित है, जिसके कारण स्थानीय लोगों को रोजमर्रा के प्रशासनिक कार्यों, राजस्व संबंधी मामलों, कानून-व्यवस्था, प्रमाणपत्र, सरकारी योजनाओं और अन्य जरूरी सेवाओं के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।
उन्होंने कहा कि इतनी दूरी होने के कारण आम जनता, किसानों, व्यापारियों, विद्यार्थियों और ग्रामीण परिवारों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है। यदि बाह-बटेश्वर को नया जिला बनाया जाता है, तो इससे प्रशासनिक पहुंच आसान होगी और सरकारी सेवाएं स्थानीय स्तर पर अधिक प्रभावी ढंग से उपलब्ध हो सकेंगी।
अटल जन्मशती वर्ष में ‘अटल नगर’ की मांग को बताया सच्ची श्रद्धांजलि
सांसद राजकुमार चाहर ने कहा कि वर्तमान समय में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी का जन्म शताब्दी वर्ष मनाया जा रहा है। ऐसे ऐतिहासिक अवसर पर बाह-बटेश्वर को “अटल नगर” के रूप में नई पहचान देना अटल जी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
उन्होंने कहा कि यह केवल नाम परिवर्तन का प्रस्ताव नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा निर्णय होगा जो क्षेत्र के गौरव, विरासत और भविष्य को नई दिशा देगा। अटल जी की स्मृतियों से जुड़े इस क्षेत्र को यदि विशेष पहचान मिलती है, तो आने वाली पीढ़ियां भी उनके विचारों, व्यक्तित्व और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान से और अधिक प्रेरित होंगी।
केंद्र और प्रदेश सरकार से सकारात्मक निर्णय की अपील
लोकसभा में अपनी बात रखते हुए सांसद चाहर ने केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार से इस मांग पर गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ विचार करने की अपील की। उन्होंने कहा कि बाह क्षेत्र की जनता लंबे समय से विकास, प्रशासनिक सुविधा और पहचान की अपेक्षा कर रही है।
सांसद ने कहा कि यदि सरकार इस दिशा में सकारात्मक निर्णय लेती है, तो यह बाह-बटेश्वर क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक कदम साबित होगा। इससे क्षेत्र को विकास की नई सौगात मिलेगी और आगरा मंडल के पूर्वी हिस्से को भी संतुलित विकास का अवसर प्राप्त होगा।
क्षेत्रीय विकास की राजनीति में अहम मुद्दा बन सकती है यह मांग
राजनीतिक जानकारों की मानें तो बाह-बटेश्वर को “अटल नगर” घोषित कर नया जिला बनाने की मांग आने वाले समय में आगरा क्षेत्र की राजनीति और विकास एजेंडा का बड़ा मुद्दा बन सकती है। यह मांग भावनात्मक, सांस्कृतिक, धार्मिक और प्रशासनिक, चारों स्तरों पर मजबूत आधार रखती है। ऐसे में अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि केंद्र और प्रदेश सरकार इस प्रस्ताव पर क्या रुख अपनाती हैं।