बरेलीः बीएसए के छापे में खुला बड़ा खेल! 52 बच्चे स्कूल में, 146 के नाम पर मिड-डे मील; दूसरे स्कूल में भी फर्जीवाड़े की आशंका

-आरके सिंह- बरेली। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) डॉ. विनीता के औचक निरीक्षण में भुता विकासखंड के दो परिषदीय विद्यालयों में छात्र उपस्थिति, मिड-डे मील (एमडीएम), विद्यालय प्रबंधन और वित्तीय अभिलेखों में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। एक विद्यालय में जहां केवल 52 छात्र उपस्थित मिले, वहीं एमडीएम के अभिलेखों में 146 लाभार्थियों का रिकॉर्ड दर्ज मिला। दूसरे विद्यालय में 188 छात्र मौजूद थे, लेकिन मिड-डे मील रजिस्टर में 395 लाभार्थी दर्शाए गए। मामले को गंभीर मानते हुए बीएसए ने दो प्रभारी प्रधानाध्यापकों का वेतन रोक दिया, दो शिक्षकों और एक खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

Jul 25, 2026 - 18:58
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बरेलीः बीएसए के छापे में खुला बड़ा खेल! 52 बच्चे स्कूल में, 146 के नाम पर मिड-डे मील; दूसरे स्कूल में भी फर्जीवाड़े की आशंका
बरेली के एक स्कूल का निरीक्षण करतीं बीएसए डॊ. विनीता।

बीएसए डॉ. विनीता ने बताया कि शुक्रवार को उन्होंने भुता विकासखंड के उच्च प्राथमिक विद्यालय बहादुरपुर करोड़ का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान छात्र उपस्थिति और मिड-डे मील रजिस्टर का मिलान करने पर चौंकाने वाली स्थिति सामने आई। विद्यालय में 146 नामांकित छात्रों के सापेक्ष केवल 52 छात्र उपस्थित मिले, जबकि एमडीएम अभिलेखों में लाभार्थियों की संख्या अधिक दर्ज थी। उन्होंने इसे फर्जी लाभार्थी दिखाकर सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका से जुड़ा गंभीर मामला माना।

निरीक्षण के दौरान विद्यालय में कई अन्य कमियां भी मिलीं। गैस सिलेंडर के बजाय लकड़ी से भोजन बनता मिला। हैंडवॉश की टोटियां टूटी हुई थीं, शौचालय बंद मिला और अग्निशमन यंत्र भी खराब अवस्था में था। विद्यालय परिसर में झाड़ियां और घास उगी हुई थीं। इको क्लब पोर्टल पर पौधारोपण की फीडिंग भी नहीं की गई थी। इसके अलावा खेल, कंपोजिट और टीएलएम ग्रांट के व्यय से संबंधित अभिलेख भी निरीक्षण के समय प्रस्तुत नहीं किए जा सके।

इसके बाद बीएसए ने कंपोजिट उच्च प्राथमिक विद्यालय मेहतरपुर करोड़ का निरीक्षण किया। यहां भी मिड-डे मील रजिस्टर और वास्तविक छात्र उपस्थिति में बड़ा अंतर मिला। विद्यालय में 497 नामांकित छात्रों के मुकाबले 188 छात्र उपस्थित मिले, जबकि एमडीएम पंजिका में 395 लाभार्थी दर्ज थे। इस पर बीएसए ने कड़ी नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई की चेतावनी दी।

निरीक्षण के दौरान विद्यालय में स्मार्ट क्लास का संचालन भी संतोषजनक नहीं मिला। निपुण अभियान से जुड़े सवालों का भी संबंधित शिक्षक संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके। खेल एवं कंपोजिट ग्रांट के खर्च से जुड़े बिल और वाउचर भी उपलब्ध नहीं कराए गए। वहीं कक्षा छह और सात की शिक्षण गुणवत्ता कमजोर मिलने पर संबंधित शिक्षकों को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।

डॉ. विनीता ने बताया कि दोनों विद्यालयों में मिली अनियमितताओं को गंभीरता से लिया गया है। दो प्रभारी प्रधानाध्यापकों का वेतन अग्रिम आदेश तक रोक दिया गया है, जबकि दो शिक्षकों और संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) से स्पष्टीकरण मांगा गया है।

बीएसए ने सभी विद्यालयों को निर्देश दिए कि छात्र उपस्थिति बढ़ाने, विद्यालय परिसर की साफ-सफाई सुनिश्चित करने, झाड़ियों की कटाई कराने, गुणवत्तापूर्ण मिड-डे मील उपलब्ध कराने, विद्यार्थियों की यूनिफॉर्म में उपस्थिति सुनिश्चित करने और शैक्षिक गुणवत्ता सुधारने पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि भविष्य में किसी भी विद्यालय में लापरवाही या वित्तीय अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं शिक्षकों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

SP_Singh AURGURU Editor