आगरा में प्रेमी संग भागी बेटी को पिता ने लोहे के औजार से उतारा मौत के घाट
आगरा के थाना एकता क्षेत्र के खेड़ा पचगाई गांव में गुरुवार शाम करीब 6:30 बजे प्रेम प्रसंग से नाराज पिता ने अपनी बेटी की लोहे के औजार से वार कर निर्मम हत्या कर दी। सिर और गले पर गंभीर चोटें आने से युवती की मौके पर ही मौत हो गई। दो दिन पहले युवती प्रेमी के साथ घर से गायब हो गई थी, जिससे परिवार में तनाव चल रहा था। वारदात के बाद आरोपी पिता ने खुद पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच जारी है।
आगरा। ताजनगरी के थाना एकता (सदर) क्षेत्र स्थित खेड़ा पचगाईं गांव में गुरुवार शाम ऑनर किलिंग (इज्जत के नाम पर हत्या) की एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। अंतरजातीय प्रेम प्रसंग और सामाजिक बदनामी के डर से गुस्से में आए एक पिता ने अपनी 19 वर्षीया बेटी लक्ष्मी की बांके (लोहे के भारी औजार) से हमला कर और फिर गला घोंटकर बेरहमी से हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पिता खुद थाने पहुंचा और पुलिस के सामने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
4 साल से चल रहा था प्रेम प्रसंग
खेड़ा पचगाईं गांव निवासी चंद्रवीर गांव में ही सीमेंट की दुकान चलाता है। परिवार में उसकी पत्नी रजनी, बड़ा बेटा लवकुश (जो गुरुग्राम में नौकरी करता है) और 12वीं तक पढ़ी 19 वर्षीया बेटी लक्ष्मी थी। पुलिस और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, लक्ष्मी का पिछले 4 वर्षों से पड़ोस में ही रहने वाले दूसरी जाति के एक युवक से प्रेम प्रसंग चल रहा था। परिवार इस रिश्ते के सख्त खिलाफ था, जिसे लेकर घर में अक्सर तनाव और झगड़े की स्थिति बनी रहती थी।
मामला तब और बिगड़ गया जब 1 सितंबर की रात करीब 8 बजे लक्ष्मी अचानक घर से कहीं चली गई। पिता चंद्रवीर ने इस संबंध में पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई थी। हालांकि, 2 सितंबर की सुबह लक्ष्मी खुद घर लौट आई। इसके बाद चंद्रवीर अपनी बेटी को लेकर थाने गया, जहां लक्ष्मी का मेडिकल कराया गया और बयान दर्ज हुए। लक्ष्मी ने अपने बयान में कहा था कि वह घर में हुए झगड़े के कारण चली गई थी और खुद ही वापस आ गई है।
घर में अकेला पाकर किया जानलेवा हमला
घर लौटने के बाद भी पिता और बेटी के बीच खिंचाव खत्म नहीं हुआ था। गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे बड़ा बेटा लवकुश अपनी नौकरी पर गुरुग्राम चला गया। इसके बाद दोपहर में पत्नी रजनी किसी काम से बाजार निकल गई। घर में चंद्रवीर और उसकी बेटी लक्ष्मी अकेले थे। शाम करीब 4:30 बजे लक्ष्मी अपने कमरे में बेड पर आराम कर रही थी। तभी आक्रोशित पिता घर में रखा धारदार लोहे का बांका लेकर कमरे में पहुंचा। उसने गुस्से में आपा खोते हुए बांके के उल्टे हिस्से से लक्ष्मी के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। सिर फटने से लक्ष्मी लहूलुहान होकर बेड पर ही तड़पने लगी। इसके बाद आरोपी पिता ने दोनों हाथों से उसका गला दबा दिया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
"बेटी ने इज्जत नीलाम कर दी, जेल जाने का अफसोस नहीं"
वारदात को अंजाम देने के बाद चंद्रवीर भागा नहीं। शाम करीब 6:30 बजे वह सीधे थाने पहुंचा और पुलिस कर्मियों से कहा कि उसने अपनी बेटी की हत्या कर दी है। पिता के इस बयान से थाने में हड़कंप मच गया। पुलिस हिरासत में आरोपी चंद्रवीर ने बताया, "बेटी का गांव के ही दूसरी जाति के लड़के से अफेयर था। हम उसे लगातार समझा रहे थे, लेकिन वह मानने को तैयार नहीं थी। उसकी हरकतों की वजह से गांव में हमारी बहुत बदनामी हो रही थी, लोग तरह-तरह की बातें बना रहे थे। 1 सितंबर को जब वह घर छोड़कर गई तो मेरी बची-कुची इज्जत भी चली गई। अत्यधिक गुस्से में आकर मैंने यह कदम उठाया। अब मुझे जेल जाने का कोई अफसोस नहीं है।"
मौके पर पहुंची पुलिस, गांव में सन्नाटा
घटना की जानकारी मिलते ही एसीपी (ACP) यतेंद्र सिंह नागर और थाना एकता पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। बेड पर युवती का शव खून से लथपथ हालत में पड़ा मिला। पुलिस ने आरोपी पिता की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया बांका (आला-ए-कत्ल) बरामद कर लिया है।
एसीपी यतेंद्र सिंह नागर का बयान
"सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। युवती के सिर और गर्दन पर गंभीर चोट के निशान मिले हैं। आरोपी पिता को हिरासत में ले लिया गया है और उसकी निशानदेही पर आला-ए-कत्ल बरामद कर लिया गया है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है, अग्रिम कानूनी कार्रवाई जारी है।" वारदात के बाद से खेड़ा पचगाईं गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए गांव में एहतियातन पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।