बरेली में रिश्वतखोरी में दरोगा गिरफ्तार: मुकदमे में मदद के नाम पर वसूल रहा था ‘सेटिंग फीस’ भ्रष्टाचार निवारण संगठन की बड़ी कार्रवाई
-आरके सिंह- बरेली। उत्तर प्रदेश पुलिस में भ्रष्टाचार पर एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। बरेली में भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीम ने इज्जतनगर थाना क्षेत्र की बैरियर-2 पुलिस चौकी में तैनात उप निरीक्षक को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी दारोगा मुकदमे में मदद और निस्तारण के नाम पर शिकायतकर्ता से रिश्वत मांग रहा था। कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
भ्रष्टाचार निवारण संगठन बरेली मंडल की ट्रैप टीम के प्रभारी निरीक्षक जितेन्द्र सिंह ने बताया कि आरोपी उप निरीक्षक विमल सिंह चौहान को शुक्रवार दोपहर 1:40 बजे बैरियर-2 पुलिस चौकी के अंदर रिश्वत की रकम 10 हजार रुपये लेते हुए गिरफ्तार किया गया। आरोपी मूल रूप से लखनऊ के सरोजनी नगर थाना क्षेत्र के ग्राम पिपरखंड का निवासी है और वर्तमान में कैलाशपुरम, इज्जतनगर में किराये के मकान में रह रहा था।
जानकारी के मुताबिक शिकायतकर्ता एन्जिला मैसी निवासी असलम कॉलोनी, इज्जतनगर ने भ्रष्टाचार निवारण संगठन से शिकायत की थी कि उसके खिलाफ थाना इज्जतनगर में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 333/2026, धारा 115(2), 352, 351(3) बीएनएस के निस्तारण और मदद के एवज में उप निरीक्षक विमल सिंह चौहान 10 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा है।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीम ने नियमानुसार जाल बिछाया और आरोपी दारोगा को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान पूरी रकम भी बरामद कर ली गई।
प्रभारी निरीक्षक जितेन्द्र सिंह ने बताया कि आरोपी उप निरीक्षक के खिलाफ थाना सीबीगंज, बरेली में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है और आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।