पुडुचेरी से चल रहा था नकली दवाओं का सिंडिकेट,सीबीआई की एफआईआर, अब ईडी भी एक्शन मोड में
आगरा। पुडुचेरी से आगरा सहित देश के कई हिस्सों में नकली और मिलावटी दवाओं की सप्लाई के मामले में अब केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज कर ली है। मामले में तीन प्रमुख आरोपियों को नामजद किया गया है, जबकि दूसरी ओर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी इस पूरे नकली दवा सिंडिकेट की आर्थिक जांच तेज कर दी है।
आगरा समेत कई राज्यों में सप्लाई हो रहीं थीं बड़ी कंपनियों के नाम पर नकली दवाएं, 72 करोड़ की बरामदगी के बाद जांच एजेंसियों का शिकंजा कसता जा रहा है
आगरा। पुडुचेरी से आगरा सहित देश के कई हिस्सों में नकली और मिलावटी दवाओं की सप्लाई के मामले में अब केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज कर ली है। मामले में तीन प्रमुख आरोपियों को नामजद किया गया है, जबकि दूसरी ओर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी इस पूरे नकली दवा सिंडिकेट की आर्थिक जांच तेज कर दी है।
सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर में अम्मन फार्मा से जुड़े विवेक वेंकटेशन, एन राजा उर्फ वल्लियप्पन और मीनाक्षी फार्मा के एके राणा को आरोपी बनाया गया है। इन पर बड़ी दवा कंपनियों के नाम पर नकली और स्प्यूरियस दवाओं के निर्माण तथा देशभर में उनकी सप्लाई करने का गंभीर आरोप है।
जांच एजेंसियों के मुताबिक आरोपी लूपिन कंपनी सहित कई प्रतिष्ठित फार्मा कंपनियों के नाम और ब्रांड का इस्तेमाल कर नकली दवाएं तैयार कर रहे थे। इन दवाओं को असली पैकिंग जैसी डिजाइन में बाजार में उतारा जाता था, जिससे मरीजों और मेडिकल कारोबारियों को धोखा दिया जा सके।
सीबीआई ने आरोपियों के खिलाफ आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। सूत्रों के अनुसार मामले की तह तक पहुंचने के लिए जल्द ही सीबीआई की टीम आगरा आ सकती है। यहां पहले से दर्ज मामलों, गिरफ्तार आरोपियों और जब्त दवाओं से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जाएगी।
इधर, 72 करोड़ रुपये की नकली दवाओं की बरामदगी के मामले में ईडी ने भी कार्रवाई तेज कर दी है। प्रवर्तन निदेशालय ने पुलिस, एसटीएफ और औषधि विभाग से अब तक दर्ज मुकदमों, गिरफ्तार आरोपियों, जब्त माल और आर्थिक लेनदेन की पूरी रिपोर्ट मांगी है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि नकली दवा कारोबार से अर्जित रकम कहां-कहां निवेश की गई और इस नेटवर्क से कौन-कौन जुड़े हैं।
गौरतलब है कि पिछले वर्ष एसटीएफ और औषधि विभाग की संयुक्त कार्रवाई में बड़े स्तर पर नकली दवाओं का जखीरा पकड़ा गया था। जांच में खुलासा हुआ था कि पुडुचेरी से उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में दवाओं की सप्लाई की जा रही थी। मामले में कई दवा कारोबारी और आरोपी पहले ही जेल भेजे जा चुके हैं।
अब सीबीआई और ईडी की एंट्री के बाद माना जा रहा है कि नकली दवा सिंडिकेट से जुड़े कई बड़े नाम जांच के दायरे में आ सकते हैं। जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क की फंडिंग, सप्लाई चैन और कारोबार से जुड़े लोगों की भूमिका खंगाल रही हैं।