नया खुलासाः बरेली में जब छह साल का मासूम कुएं में गिरा तो उसके छोटे भाई ने रो-रोकर मदद की गुहार लगाई, स्कूल स्टाफ अपने मोबाइलों में व्यस्त रहा
बरेली जिले के एक गांव में एक मासूम बच्चा स्कूल पढ़ने गया था, लेकिन वापस घर नहीं लौटा। मां-बाप की गोद सूनी हो गई और भाई की आंखों में वह खौफ हमेशा के लिए बस गया, जब वह मदद के लिए चिल्लाता रहा और बड़े लोग मोबाइल स्क्रीन में खोए रहे।
-आरके सिंह-
बरेली। जिले के भुता थाना क्षेत्र में घटी एक दर्दनाक घटना में कुछ नई जानकारियां सामने आई हैं, जिसने स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था और स्टाफ की संवेदनहीनता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। कक्षा दो में पढ़ने वाला छह वर्षीय मासूम लविश जब स्कूल परिसर के बाहर बने कुएं में गिर गया था, तब उसका छोटा भाई स्टाफ के सामने रो-रोकर मदद की गुहार लगाता रहा। आरोप है कि स्कूल कर्मचारी मोबाइल फोन चलाने में इतने व्यस्त थे कि उन्होंने बच्चे की बात को गंभीरता से ही नहीं लिया। जब तक लोग मौके पर पहुंचे, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
घटना भुता थाना क्षेत्र के ग्राम अदीनापुर स्थित आत्मानंद विद्या मंदिर स्कूल की है। मृतक लविश पुत्र टिंकू बाबू निवासी अंगदपुर खमरिया कक्षा दो का छात्र था। उसके साथ उसका भाई अनुज भी उसी स्कूल में पढ़ता है। गुरुवार सुबह दोनों भाई रोज की तरह स्कूल गए थे। करीब 10 बजे लविश पानी पीने के लिए स्कूल के बाहर लगे नल की तरफ गया। नल के पास ही एक खुला कुआं था। बताया गया कि पानी पीते समय अचानक उसका पैर फिसल गया और वह सीधे कुएं में जा गिरा।
घटना के सबसे दर्दनाक पहलू ने हर किसी की आंखें नम कर दीं। मासूम अनुज भागता हुआ स्कूल स्टाफ के पास पहुंचा और रोते हुए बोला- मेरा भाई कुएं में गिर गया है। आरोप है कि वहां मौजूद प्रधानाचार्य चिरौंजी लाल, शिक्षक नरेंद्र पाल और शिक्षिका शिल्पी मोबाइल फोन में व्यस्त रहे और किसी ने उस मासूम की गुहार पर तत्काल ध्यान नहीं दिया। अगर उसी वक्त मदद पहुंच जाती तो शायद लविश की जान बच सकती थी।
कुछ देर बाद जब ग्रामीण और अन्य लोग मौके पर पहुंचे तो बच्चे को कुएं से बाहर निकालने की कोशिश शुरू हुई। काफी मशक्कत के बाद लविश को बाहर निकाला गया और अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण डूबना बताया गया है।
मृतक के पिता टिंकू बाबू ने स्कूल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए भुता थाने में तहरीर दी है। पुलिस ने आत्मानंद विद्या मंदिर स्कूल के प्रधानाचार्य चिरौंजी लाल, शिक्षक नरेंद्र पाल, शिक्षिका शिल्पी और स्कूल प्रबंधक के खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या 184/26 के तहत बीएनएस की धारा 106(1) में रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
क्षेत्राधिकारी फरीदपुर संदीप सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची थी। ग्रामीणों की मदद से बच्चे को कुएं से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। उन्होंने कहा कि स्कूल प्रबंधन की लापरवाही और सुरक्षा इंतजामों की गहन जांच की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर आगे कठोर कार्रवाई की जाएगी।