समाज की चुनौतियों पर भारत विकास परिषद सक्रियः विचार मंथन से लेकर पर्यावरण संरक्षण तक जागरण
आगरा। भारत विकास परिषद की विभिन्न शाखाएं सामाजिक सरोकारों से जुड़े अहम विषयों को लेकर सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। एक ओर जहां नवज्योति शाखा ने संस्कृति माह के अंतर्गत युवाओं में बढ़ते तनाव, तलाक व आत्महत्या की प्रवृत्तियों पर विचार गोष्ठी आयोजित की, वहीं समर्पण शाखा द्वारा पर्यावरण के प्रति जागरूकता अभियान चलाते हुए राहगीरों को तुलसी और नीम के पौधे वितरित किए गए।
युवाओं में अवसाद, तलाक व अकेलेपन पर गहन मंथन
वाटर वर्क्स स्थित अतिथिवन में आयोजित विचार गोष्ठी में समाज में तेजी से बढ़ रही पारिवारिक एवं मानसिक चुनौतियों पर गंभीर विमर्श किया गया।
मुख्य वक्ता डॉ. अमित सिंघल ने कहा कि सोशल मीडिया के आभासी संबंधों ने युवाओं को वास्तविक रिश्तों से दूर कर दिया है। नशे की लत, आत्महत्या की प्रवृत्ति और अवसाद के मामले बढ़ रहे हैं जो अत्यंत चिंताजनक हैं।
डॉ. विकास गोयल ने शादी-ब्याह में हो रही दिखावटी फिजूलखर्ची, लिव-इन रिलेशनशिप और तलाक की बढ़ती घटनाओं को सामाजिक विघटन की ओर संकेत करते हुए चिंतन की आवश्यकता बताई।
सीए दीपिका मित्तल ने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि परिषद समाज में फैली विसंगतियों को दूर करने के लिए ऐसे संवादों का आयोजन करती है।
कार्यक्रम में अनिल अग्रवाल, अंकुर अग्रवाल, प्रदीप अग्रवाल, संजीव अग्रवाल, गौरव बंसल, नितिन अग्रवाल, नीलू जैन, डॉ. कल्पना अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।
भाविप समर्पण ने 500 तुलसी-नीम के पौधे वितरित किए
भारत विकास परिषद की समर्पण शाखा द्वारा संजय प्लेस स्थित स्पीड कलर लेब चौराहा पर राहगीरों को तुलसी और नीम के लगभग 500 पौधे वितरित किए गए।
केशव दत्त गुप्ता, राजेश गोयल, संजय महेश्वरी, विजित गुप्ता सहित अनेक पदाधिकारियों ने पौध वितरण की शुरुआत की। अध्यक्ष विजित गुप्ता ने बताया कि तुलसी और नीम पर्यावरण के साथ-साथ मानव स्वास्थ्य के लिए भी बेहद लाभकारी हैं। सचिव नवनीत गर्ग और वित्त सचिव संजीव मित्तल ने कहा कि पौधारोपण मात्र कर्म नहीं बल्कि कर्तव्य है।
इस अवसर पर राजीव अग्रवाल, मनीष गोयल, विशाल मित्तल, रेखा, नमिता, पूजा, साधना सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।