यमुना भक्ति के बहाने बड़ा सवाल: आस्था के साए में घुटती यमुना पर रिवर कनेक्ट कैंपेन का तीखा प्रहार

आगरा। यमुना नदी के संरक्षण और उसकी बदहाल स्थिति के खिलाफ जन-जागरण को तेज करने के उद्देश्य से रिवर कनेक्ट कैंपेन के सदस्यों ने शनिवार शाम यमुना आरती स्थल पर यमुना भक्ति दिवस श्रद्धा और संकल्प के साथ मनाया। कार्यक्रम में यमुना मैया को गुलाब के फूल अर्पित किए गए तथा गोस्वामी नंदन श्रोत्रिय ने विशेष यमुना आरती का विधिवत संचालन किया।

Feb 15, 2026 - 14:01
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यमुना भक्ति के बहाने बड़ा सवाल: आस्था के साए में घुटती यमुना पर रिवर कनेक्ट कैंपेन का तीखा प्रहार
आगरा में यमुना आरती स्थल पर भक्ति दिवस मनाते रिवर कनेक्ट कैंपेन के सदस्य।

यह आयोजन केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यमुना नदी में बढ़ते प्रदूषण, गिरती जल गुणवत्ता और गंभीर जल संकट की ओर समाज और सरकार का ध्यान खींचने का सशक्त माध्यम बना।

रिवर कनेक्ट कैंपेन के प्रमुख बृज खंडेलवाल ने कहा कि आगरा शहर की जीवनरेखा कही जाने वाली यमुना नदी आज अस्तित्व के संकट से जूझ रही है। दिल्ली से छोड़े जा रहे अनुपचारित नालों का जहरीला पानी आगरा तक पहुंच रहा है, जिससे नदी में सफेद झाग, रासायनिक अपशिष्ट और प्लास्टिक कचरा लगातार बढ़ रहा है।

उन्होंने बताया कि हाल के वर्षों में यमुना की जल गुणवत्ता भयावह रूप से गिरी है। बायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड (बीओडी) खतरनाक स्तर पर है, घुलित ऑक्सीजन (डीओ) लगभग शून्य के करीब पहुंच चुकी है और अमोनिया व कोलीफॉर्म बैक्टीरिया सुरक्षित मानकों से कई गुना अधिक पाए जा रहे हैं। आगरा में यमुना अब बहती नदी नहीं, बल्कि गंदे नाले जैसी प्रतीत होती है, जिससे जलीय जीव, स्थानीय पारिस्थितिकी और लोगों का स्वास्थ्य गंभीर खतरे में है। विश्व धरोहर ताजमहल के किनारे यह स्थिति और भी पीड़ादायक है।

कार्यक्रम में उपस्थित पर्यावरणविद डॉ. देवाशीष भट्टाचार्य ने उत्तर प्रदेश की योगी सरकार से आगरा क्षेत्र में लंबित बैराज निर्माण को अविलंब शुरू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यह परियोजना यमुना में न्यूनतम जल प्रवाह सुनिश्चित कर प्रदूषण को कम करने और पर्यावरणीय संतुलन बहाल करने में निर्णायक भूमिका निभा सकती है।

डॉ. भट्टाचार्य ने यह भी कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों की उदासीनता के चलते यमुना की सेहत लगातार बिगड़ती जा रही है। नामामी गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत आगरा में कुछ सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) अवश्य चालू हुए हैं, लेकिन ये प्रयास नाकाफी हैं। नदी को बचाने के लिए बड़े स्तर पर जल प्रवाह प्रबंधन, औद्योगिक अपशिष्ट नियंत्रण और नालों के पूर्ण उपचार की सख्त आवश्यकता है।

कार्यक्रम में चतुर्भुज तिवारी, राहुल राज नंदवंशी, रंजन शर्मा, निधि पाठक, पद्मिनी अय्यर, मुकेश चौधरी सहित अन्य सदस्यों ने यमुना मैया को पुष्पांजलि अर्पित की और केंद्र व राज्य सरकारों से अपने वादों को धरातल पर उतारने की अपील की। वक्ताओं ने कहा कि धर्म, आस्था और पर्यावरण की रक्षा के लिए ठोस नीतिगत कदम उठाना समय की मांग है, ताकि यमुना पुनः स्वच्छ, अविरल और जीवनदायिनी बन सके।

रिवर कनेक्ट कैंपेन ने दोहराया कि वह आगरा में यमुना संरक्षण के लिए निरंतर आंदोलन, जन-जागरण और प्रशासनिक दबाव के माध्यम से संघर्ष जारी रखेगा।

SP_Singh AURGURU Editor