आगरा में बाइक सवार बना देवदूत, पुल से उटंगन में कूदने जा रही महिला को झटपट बचा लिया
आगरा। भाई दूज के दिन गुरुवार को आगरा में एक अद्भुत और प्रेरक घटना सामने आई। भाई दूज पर जहां घरों में बहनें भाइयों की लंबी उम्र की कामना कर रही थीं, वहीं खेरागढ़ क्षेत्र में उटंगन नदी के पुल पर एक महिला मौत की दहलीज पर खड़ी मिली। लेकिन किस्मत ने उसे जीवन का नया उपहार दिया और राह में भेजा एक सच्चा देवदूत। बाइक सवार सोनू सिकरवार ने इस महिला की जान बचा ली।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोपहर करीब 2 बजे महिला अचानक पुल पर रुकी और रेलिंग की ओर बढ़ने लगी। तभी वहां से गुजर रहे सोनू सिकरवार ने उसे मुंडेर पर चढ़ते देखा और तुरंत अपनी बाइक रोकी। बिना किसी हिचकिचाहट के दौड़कर महिला को पकड़ा और पुल से दूर सड़क पर ले लाया। कुछ ही सेकंड की देरी होती, तो महिला गहरे पानी में गिरकर अपनी जान गंवा सकती थी।
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि सोनू ने पूरी निःसंकोच साहस और संवेदनशीलता दिखाई। उनका कहना था कि अगर एक सेकंड भी देर हो जाती, तो यह हादसा अनहोनी में बदल जाता। लोगों ने सोनू की मानवीय संवेदनशीलता और बहादुरी की जमकर प्रशंसा की।
पुलिस पहुंची, महिला को सुरक्षित किया गया
घटना की जानकारी मिलते ही थाना खेरागढ़ पुलिस मौके पर पहुंची। महिला को थाने लाकर प्राथमिक पूछताछ की गई। जांच में पता चला कि महिला घरेलू कलह और पति से विवाद के चलते तनावग्रस्त थी और आत्महत्या के लिए पुल पर आई थी। पुलिस ने तत्काल महिला के परिजनों को सूचित किया, जो थाने पहुंचे। महिला को काउंसलिंग के बाद परिवार के हवाले किया जाएगा।
सोनू सिकरवार बोले- इंसानियत निभाई
महिला की जान बचाने वाले सोनू ने कहा, मैं पुल से गुजर रहा था और महिला रेलिंग पर चढ़ते देखा। तुरंत समझ गया कि कुछ गड़बड़ है। बाइक रोकी और दौड़कर उसे खींच लिया। अगर मैं रुका न होता तो शायद वह कूद चुकी होती।
संयोगवश यह घटना भाई दूज के दिन हुई, जब बहनें भाइयों की लंबी उम्र की कामना कर रही थीं। इस शुभ अवसर पर एक अजनबी ने मानवता का रिश्ता निभाया और किसी की जिंदगी बचाई।