पाक स्वतंत्रता दिवस पर पीओके में 'ब्लैक डे', विदेशों में घेरेंगे दूतावास, प्रदर्शनकारी तैयार
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) के प्रदर्शनकारियों ने 13-14 अगस्त को ब्लैक डे के रूप में मनाने का ऐलान किया है। उन्होंने विदेशों में रहने वाले कश्मीरियों से पाकिस्तानी दूतावास का घेराव करने की भी अपील की है। उन्होंने दावा किया है कि पाकिस्तानी सुरक्षाबलों की फायरिंग में अब तक 100 से अधिक कश्मीरी मारे जा चुके हैं।
रावलकोट। पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ब्लैक डे का ऐलान किया है। अवामी एक्शन कमेटी ने कहा है कि 13 और 14 अगस्त को पीओक समेत पूरी दुनिया में ब्लैक डे मनाया जाएगा। उन्होंने दुनिया भर के कश्मीरियों से पाकिस्तानी सुरक्षाबलों के अत्याचारों के खिलाफ प्रदर्शन करने की अपील की है। प्रदर्शनकरियों ने यह भी कहा है कि वे इस मौके पर दुनियाभर में पाकिस्तानी दूतावासों का घेराव करेंगे और पीओके में हिंसा के खिलाफ विरोध जताएंगे। उन्होंने ज्यादा से ज्यादा संख्या में इन विरोध प्रदर्शनों में शामिल होने की अपील की है।
अवामी एक्शन कमेटी के नेता उमर नजीर कश्मीरी ने विदेश में रहने वाले कश्मीरियों से 13 अगस्त को रैलियां करने और PoK में पाकिस्तानी सुरक्षाबलों के हमले और उनकी ज्यादतियों को दुनिया को बताने की अपील की है। इस अपील का मकसद पीओके में जारी विरोध प्रदर्शनों को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का है, जिससे दुनिया का ध्यान खींचा जा सके और पाकिस्तान पर दबाव बढ़े। इसके लिए उन्होंने पाकिस्तानी एम्बेसी और डिप्लोमैटिक मिशन के बाहर प्रदर्शन करने की योजना बनाई है।
कमेटी ने विदेश में रहने वाले कश्मीरियों से अपील की है कि वे पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस के जश्न को अपनी शिकायतें बताने और PoK के हालात पर दुनिया का ध्यान खींचने के मौके के तौर पर इस्तेमाल करें। अवामी एक्शन कमेटी के मुताबिक, 13 और 14 अगस्त दोनों को “ब्लैक डे” के तौर पर मनाया जाएगा। 13 अगस्त को पाकिस्तानी सरकार और सुरक्षाबलों के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों के लिए तय किया गया है, जबकि 14 अगस्त को ऐसे प्रदर्शन देखने की उम्मीद है, जिन्हें ग्रुप PoK में लगातार दमन कहता है।
प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तानी सुरक्षाबलों पर आम लोगों पर फायरिंग के आरोप लगाए हैं। प्रदर्शनकारियों के नेता उमर नजीर कश्मीरी ने दावा किया है कि PoK में पाकिस्तानी सेना की हालिया फायरिंग में करीब 100 कश्मीरी मारे गए। अवामी एक्शन कमेटी ने इन कथित घटनाओं को सरकारी ताकतों के जुल्म और आतंकवाद का सबूत बताया है। कमेटी ने अपना कैंपेन जारी रखने की कसम खाई है, और कहा है कि उसका आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक उसके राजनीतिक मकसद पूरे नहीं हो जाते।