इंदिरा गांधी पर अश्लील टिप्पणी का मामला: कोर्ट ने एफआईआर दर्ज कर जांच के दिए आदेश
आगरा। भूतपूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न स्वर्गीय श्रीमती इंदिरा गांधी के खिलाफ सोशल मीडिया पर अश्लील, अभद्र और अमर्यादित टिप्पणी करने के मामले में सीजेएम मृत्युंजय श्रीवास्तव ने थाना न्यू आगरा पुलिस को मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने के आदेश दिए हैं। यह मामला कांग्रेस कार्यकर्ताओं की गहरी आस्था और भावनाओं से जुड़ा बताया गया है।
अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा ने उठाई आवाज
राजीव गांधी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा ने सीजेएम न्यायालय में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर बताया कि वह कांग्रेस पार्टी के विभिन्न पदों पर कार्य कर चुके हैं और गांधी-नेहरू परिवार के प्रति बचपन से गहरी आस्था रखते हैं। उन्होंने कहा कि 11 मई 2025 को जितेंद्र तोमर उर्फ जीतू ठाकुर (नाम-पता अज्ञात) नामक व्यक्ति ने सोशल मीडिया पर इंदिरा गांधी के खिलाफ अत्यंत आपत्तिजनक पोस्ट साझा की, जिसमें अश्लील शब्दों का प्रयोग कर उनकी गरिमा को ठेस पहुंचाने का प्रयास किया गया।
भावनाओं को गहरी चोट
रमाशंकर शर्मा ने कहा कि इस पोस्ट से न केवल कांग्रेस कार्यकर्ताओं, बल्कि पूरे देशवासियों की भावनाओं को गहरा आघात पहुंचा है। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी देश ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व की सर्वमान्य नेता थीं, जिनकी 31 अक्टूबर 1984 को हत्या कर दी गई थी। ऐसे में उनकी शहादत और सम्मान पर इस तरह की अभद्र टिप्पणी करना अत्यंत निंदनीय और असहनीय है।
पुलिस पर लापरवाही का आरोप
श्री शर्मा ने बताया कि उन्होंने 13 मई 2025 को थाना न्यू आगरा में शिकायत देकर रिपोर्ट दर्ज कराने की कोशिश की थी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद मामला न्यायालय में पहुंचा।
वरिष्ठ अधिवक्ताओं दुर्ग विजय सिंह भैया, राजवीर सिंह और बीएस फौजदार की पैरवी में पेश प्रार्थना पत्र और शपथ पत्र का संज्ञान लेते हुए सीजेएम ने माना कि प्रस्तुत प्रकरण में प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध बनता है। इसलिए थाना अध्यक्ष न्यू आगरा को आदेशित किया गया कि अभियोग पंजीकृत कर नियमानुसार विवेचना सुनिश्चित करें।