बरेली में ईसाई मिशनरी रैकेट का पर्दाफाश: 200 हिंदुओं का कराया धर्मांतरण, पादरी लालजी जेल भेजा गया

बरेली के फरीदपुर में पादरी लालजी को करीब 200 हिंदुओं का धर्मांतरण कराने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। पुलिस ने उसके कमरे से चार डायरियां, बाइबिल और अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं, जिनसे उसके मिशनरी नेटवर्क और विदेशी फंडिंग की आशंका है। वह गरीब और अशिक्षित लोगों को नौकरी, मकान और विवाह का लालच देकर ईसाई धर्म अपनाने को मजबूर करता था। पुलिस अब उसके संपर्कों, बैंक खातों और कॉल डिटेल की जांच कर रही है।

Jul 15, 2025 - 12:14
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बरेली में ईसाई मिशनरी रैकेट का पर्दाफाश: 200 हिंदुओं का कराया धर्मांतरण, पादरी लालजी जेल भेजा गया

फरीदपुर में चल रहा था गुप्त धर्मांतरण नेटवर्क

-आरके सिंह-

बरेली। जिले में धर्मांतरण के एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। फरीदपुर थाना क्षेत्र में ईसाई मिशनरी नेटवर्क खड़ा कर करीब 200 हिंदुओं का मतांतरण कराने के आरोप में मऊ जिले के मूल निवासी पादरी लालजी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस को उसके कमरे से चार डायरियां, धार्मिक पुस्तकें, और बाइबिल मिली हैं, जो बड़े खुलासों की ओर इशारा कर रही हैं।

विदेशी फंडिंग और नेटवर्क की जांच शुरू

बरेली की अपर पुलिस अधीक्षक (दक्षिणी) अंशिक वर्मा ने बताया कि आरोपी के पास से जो कागज़ात मिले हैं, उनसे प्रतीत होता है कि उसे इस काम के बदले विदेशी स्रोतों से फंडिंग मिल रही थी। पुलिस ने लालजी के मोबाइल की कॉल डिटेल रिकॉर्ड निकलवाई है और बैंक खातों की भी जानकारी मांगी है ताकि ट्रांजेक्शन और विदेशी फंड्स की पुष्टि की जा सके।

डायरियों में दर्ज हैं 200 से ज्यादा लोगों के नाम

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी की चार डायरियों में 200 से ज्यादा लोगों के नाम लिखे हैं। हर नाम के सामने ‘उपदेश दे दिया गया’ जैसी टिप्पणियां दर्ज हैं। इससे यह संदेह और गहराता है कि लालजी ने इन सभी लोगों का मतांतरण कराया था। अब पुलिस इन सभी नामों को विवेचना में शामिल कर रही है।

लालजी की ‘प्रार्थना सभा’ में मिलीं साजिश की परतें

आरोप है कि पादरी लालजी बरेली के फरीदपुर क्षेत्र के फर्रुखपुर मोहल्ला में स्थित एक मकान में पिछले 8 वर्षों से किराए पर रह रहा था। वहीं वह प्रार्थना सभाएं आयोजित करता था, जहां गरीब, अशिक्षित हिंदू महिलाओं, पुरुषों और बच्चों को रुपये, मकान, नौकरी और विवाह का प्रलोभन देकर धर्म बदलवाता था।

हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ता सुनील कुमार को इसकी जानकारी मिली तो वे उसकी सभा में पहुंचे और पूरे मामले का पर्दाफाश किया। सभा में आरोपित हिंदू देवी-देवताओं की निंदा कर रहा था और ईसाई धर्म को श्रेष्ठ बताकर प्रचार कर रहा था। अंत में उसने सभा में मौजूद लोगों को पानी पिलाकर कहा, अब आप सब ईसाई हो गए हैं।

फर्जी कहानी और पुराने संपर्कों की पड़ताल

लालजी मूलतः मऊ जिले के मुंगेश्वरी गांव का निवासी है। वह वर्ष 2002 में फरीदपुर आया था और दिहाड़ी मजदूरी करता था। पुलिस को उसने बताया कि वर्ष 2008 में उसे ब्रेन हेमरेज हुआ था, जिसके बाद दिल्ली में एक डॉक्टर और नर्स ने प्रार्थना से उसे ठीक किया, इसीलिए वह ईसाई बन गया। लेकिन पुलिस को यह कहानी फर्जी लगी और जब उसके कमरे की तलाशी ली गई तो सारा मामला उजागर हो गया।

कई सवालों की जांच जारी

क्या लालजी को किसी विदेशी संगठन से धर्मांतरण का लक्ष्य मिलता था? वह डायरी में दर्ज नामों को किसे भेजता था? प्रार्थना सभा, परिवार और प्रचार का खर्च कैसे चलता था? इन सभी सवालों के जवाब तलाशने के लिए पुलिस अब उसके नेटवर्क, संपर्कों, और बैंक लेन-देन की जांच में जुट गई है।

SP_Singh AURGURU Editor