आगरा से ‘आग्रम’ बने शहर की पहचान, रिवर कनेक्ट कैंपेन ने मुख्यमंत्री से की औपचारिक मांग
आगरा। यमुना तट पर बसे विश्वप्रसिद्ध नगर आगरा को अब एक नई पहचान दिलाने की की ओर कदम बढ़ाया गया है। रिवर कनेक्ट कैंपेन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शहर का नाम ‘आग्रम’ करने की औपचारिक मांग उठाई है। संस्था का कहना है कि यह परिवर्तन न केवल ऐतिहासिक ‘अग्रवन’ की जड़ों से जुड़ाव है, बल्कि आधुनिक विकास, सांस्कृतिक गौरव और नागरिक आत्मविश्वास का प्रतीक भी बनेगा।
रिवर कनेक्ट कैंपेन की ओर से सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित ज्ञापन मंडलायुक्त आगरा को सौंपा गया। इसमें आगरा का नाम बदलकर ‘आग्रम’ करने का प्रस्ताव रखा गया। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि ‘आग्रम’ शब्द वैदिक कालीन ‘अग्रवन’ से उत्पन्न हुआ है और यह नगर की मूल आत्मा से सीधा संबंध स्थापित करता है।
अभियान के संयोजक बृज खंडेलवाल और सदस्य डॉ. देवाशीष भट्टाचार्य ने बताया कि ‘आगरा’ नाम अब शहर की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और वैचारिक गरिमा को वहन नहीं कर पा रहा है। वहीं ‘आग्रम’ शब्द इतिहास, संस्कृति और आधुनिक विकास, तीनों की समरस अभिव्यक्ति है।
ज्ञापन में कहा गया कि आगरा केवल ताजमहल का शहर नहीं है, बल्कि यह विनिर्माण, शिक्षा, चिकित्सा और कृषि का अग्रणी केंद्र है। फतेहपुर सीकरी और लोहामंडी के उद्योग, सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज, डीएमईटी, डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, तथा देश के सबसे बड़े आलू उत्पादक जिलों में आगरा की पहचान, यह सब ‘आग्रम’ नाम को सार्थक बनाते हैं।
अभियान के अनुसार, यह नाम परिवर्तन सिर्फ औपचारिक बदलाव नहीं बल्कि एक सांस्कृतिक पुनर्जागरण का संकल्प है। इससे नागरिकों में गर्व और स्वामित्व की भावना बढ़ेगी तथा शहर को हेरिटेज बिजनेस, मेडिकल टूरिज्म, सस्टेनेबल डिजाइन और एग्रो-टेक निवेश के नए अवसर मिलेंगे।
अभियान ने सुझाव दिया कि सरकार जनमत संग्रह, विधानसभा प्रस्ताव और केंद्र की अधिसूचना के माध्यम से नाम परिवर्तन की प्रक्रिया आगे बढ़ा सकती है। ज्ञापन में कहा गया कि जैसे मुंबई, चेन्नई, कोलकाता और प्रयागराज ने नाम परिवर्तन के बाद नई पहचान हासिल की, वैसे ही ‘आग्रम’ भी आगरा की छवि और आत्मविश्वास को पुनर्परिभाषित करेगा।