धर्मांतरण और काली कमाई: छांगुर बाबा के पासपोर्ट से लेकर लग्ज़री कारों तक खुलीं अरबपति बनने की परतें

लखनऊ/बलरामपुर। उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण की एक नई साजिश का खुलासा होते ही सूबे की सुरक्षा और धार्मिक संतुलन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। छांगुर बाबा, धर्म परिवर्तन का एक बड़ा जाल बुन रहा था, जिसके पीछे अरबों की संपत्ति और विदेशी फंडिंग की परतें छिपी थीं। ये परतें अब उधड़ने लगी हैं।

Jul 6, 2025 - 20:46
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धर्मांतरण और काली कमाई: छांगुर बाबा के पासपोर्ट से लेकर लग्ज़री कारों तक खुलीं अरबपति बनने की परतें

-चार हजार लोगों को इस्लाम कबूल करवाया, 100 करोड़ से ज़्यादा की संपत्ति, विदेश यात्राओं और खातों से चौंकाने वाली जानकारी

धर्म का प्रचार या छल?

बताया जा रहा है कि छांगुर बाबा ने एक पुस्तक भी प्रकाशित की थी, जिसका इस्तेमाल वह इस्लाम धर्म के प्रचार-प्रसार और हिंदू अनुयायियों को बहलाकर धर्मांतरण करवाने के लिए करता था। उसके करीब 3 से 4 हजार अनुयायी बना रखे थे, जिनमें से अधिकांश हिंदू हैं, जिन्हें उसने धर्मांतरण कराकर इस्लाम कबूल कराया है। इस प्रचार के पीछे बाबा का व्यक्तिगत लाभ और विदेशी फंडिंग का उद्देश्य अब सामने आने लगा है।

अकाउंट में 100 करोड़ से अधिक की संपत्ति!

बाबा के नाम पर दर्ज संपत्ति की सूची होश उड़ा देने वाली है। बलरामपुर के उतरौला क्षेत्र स्थित गाटा संख्या 337 की 0.539 हेक्टेयर भूमि की कीमत ही 1.5 करोड़ रुपए आंकी गई है। इस ज़मीन पर तबला, अस्पताल, स्टोर रूम, बंगला और दो शो-रूम बने हुए हैं।
इसके अलावा बाबा के पास मर्सिडीज़, फॉर्च्यूनर जैसी लग्ज़री गाड़ियां भी हैं। सूत्रों के मुताबिक, उसके विभिन्न बैंक खातों में 100 करोड़ रुपए से ज़्यादा की धनराशि अब तक ट्रांज़ैक्ट हो चुकी है।

विदेश यात्राओं से खुली जालसाजी की परतें

जांच एजेंसियों को मिली जानकारी के अनुसार, छांगुर बाबा ने 2016 से 2020 के बीच 19 बार यूएई की यात्रा की। इसके बाद 5 अप्रैल 2017 को भी एक बार यूएई गया, और 2018 में सऊदी अरब भी गया। उसका पासपोर्ट नंबर M0087026 है, जो अब जांच के घेरे में है।

सहयोगी नीतू नवीन अरोड़ा का अरबों का बैंक नेटवर्क

छांगुर बाबा की कथित सहयोगी नीतू नवीन अरोड़ा के पास भी आठ बैंक खाते हैं, जिनमें बैंक ऑफ इंडिया, पेटीएम बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, आईसीआईसीआई और एचडीएफसी शामिल हैं। इन खातों में विदेशों से बड़ी मात्रा में धनराशि ट्रांसफर की गई है। सिर्फ 4 महीनों में 13.9 करोड़ रुपए की रकम जमा हुई।
24 फरवरी 2021 से 28 जून 2021 के बीच विदेशी फंडिंग का यह आंकड़ा, धर्मांतरण की साजिश में विदेशी नेटवर्क की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

छांगुर बाबा के करीबी ठाकुर बाबा के स्टेट बैंक खाता संख्या 39809282658 में 6 लाख विदेशी पैसे और एनईएफटी के ज़रिए 10 लाख रुपए जमा होने की बात सामने आई है।

क्या यह धर्म की आड़ में देश के खिलाफ एक साजिश है?

धर्मांतरण की यह पूरी स्क्रिप्ट सिर्फ आस्था से नहीं, बल्कि विदेशी धन, राजनीतिक कनेक्शन की गहरी चाल का हिस्सा प्रतीत होती है। सरकार और जांच एजेंसियों के लिए यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं, देश की आंतरिक सुरक्षा और सांस्कृतिक अखंडता से जुड़ा है।

SP_Singh AURGURU Editor