श्री श्याम बिहारी जी के नौका विहार और आम्र कुंज दर्शन से भाव विभोर हुए श्रद्धालु
आगरा। गंगा दशहरा के पावन अवसर पर श्री प्रेम निधि मंदिर, नई की मंडी में पुष्टिमार्गीय परंपरा के अनुसार नौका विहार उत्सव और आम्र कुंज दर्शन का भव्य आयोजन हुआ। श्री ठाकुर श्री श्याम बिहारी जी को आम्र कुंज की मनोरम झांकी में विराजित कर उनके प्रिय आमरस का भोग अर्पित किया गया, जिसे भक्तों ने महाप्रसाद के रूप में ग्रहण किया।
कार्यक्रम की शुरुआत पुष्टिमार्गीय भाव पद ‘बैठे नाव विहरत पिय प्यारी...’ के संगीतमय प्रस्तुतीकरण से हुई, जिसने श्रद्धालुओं को भावसमाधि में डुबो दिया।
मुख्य सेवायत हरिमोहन गोस्वामी ने बताया कि गंगा दशहरा, पुष्टिमार्ग में गंगा और यमुना के मिलन का भावात्मक उत्सव है। श्रीमहाप्रभुजी के श्रीयमुनाष्टकम् के पद ‘यया चरण पद्मजा…’ का उल्लेख करते हुए उन्होंने इस दिन के आध्यात्मिक महत्व को रेखांकित किया।
सेवायत सुनीत गोस्वामी ने ज्येष्ठ माह में नौका विहार की आध्यात्मिक महत्ता बताते हुए कहा कि यह समय सेवा, समर्पण और आत्मिक शांति का प्रतीक होता है। ठाकुर जी की नौका विहार झांकी, आम्र कुंज सज्जा और पुष्प अलंकरण ने भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
समापन पर आमरस का महाप्रसाद वितरित हुआ। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने ठाकुर जी की झांकी का दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया।