अयोध्या में राम मंदिर की पूर्णता का दिव्य क्षण: जय श्रीराम के गगनभेदी नारों के बीच पीएम मोदी ने धर्मध्वजा फहराई तो हर किसी का रोम-रोम पुलकित हो उठा

अयोध्या आज ऐतिहासिक आध्यात्मिक पूर्णता का साक्षी बना। रामलला के भव्य मंदिर में 11 बजकर 50 मिनट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जैसे ही धर्मध्वजा को फहराया, राम मंदिर ने आध्यात्मिक पूर्णता को प्राप्त कर लिया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत भी मौजूद रहे। जिस समय केशरिया ध्वज को शिखर की ओर ले जाया जा रहा था, वहां मौजूद श्रद्धालुओं और देश-दुनिया में लाइव देख रहे सनातनियों का रोम-रोम पुलकित हो उठा। पीएम मोदी भी इस दृश्य को भक्तिभाव से अपलक देख रहे थे। जय श्रीराम के नारे गूंजते रहे। यह ध्वजारोहण इस बात का प्रतीक है कि राम मंदिर का निर्माण पूर्ण हो चुका है।

Nov 25, 2025 - 12:21
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अयोध्या में राम मंदिर की पूर्णता का दिव्य क्षण: जय श्रीराम के गगनभेदी नारों के बीच पीएम मोदी ने धर्मध्वजा फहराई तो हर किसी का रोम-रोम पुलकित हो उठा
अयोध्या में श्रीराम मंदिर पर धर्मध्वज के फहराये जाने के मौके पर मौजूद पीएम नरेंद्र मोदी, संघ प्रमुख मोहन भागवत, सीएम योगी आदित्यनाथ।

अयोध्या। अयोध्या का आज का दृश्य एक बार फिर 22 जनवरी 2023 जैसा दिखा। वही उत्साह, वही दिव्यता, वही आस्था की उफनती लहर, जब रामलला की प्राण प्रतिष्ठा ने पूरे देश को भाव-विह्वल कर दिया था। उसी आध्यात्मिक कंपन की पुनरावृत्ति आज धर्मध्वजा फहराने के अवसर पर दिखी। मंदिर परिसर से लेकर सरयू तट तक और गलियों से लेकर घाटों तक, हर ओर जय श्रीराम के उद्घोष गूंज रहे थे। स्थानीय नागरिकों, आस-पास के गांवों और कस्बों से आए हजारों श्रद्धालुओं को विशेष तौर पर आमंत्रित किया गया था और उनका उत्साह ऐसा था कि पूरा नगर भक्ति, उमंग और राम नाम की तरंगों से झिलमिला उठा।

ध्वजारोहण विवाह पंचमी के शुभ योग में हुआ। भगवान राम और माता सीता के दिव्य मिलन की स्मृति कराने वाले इस दिन हुए आयोजन से इसकी पवित्रता और भी बढ़ गई।

पीएम मोदी सुबह लगभग सुबह 9:30 बजे अयोध्या पहुंचे। डेढ़ किलोमीटर लम्बे रोड शो को पूरा कर पीएम मोदी राम मंदिर पहुंचे। इसके बाद पीएम मोदी ने मंदिर परिसर के सप्त मंदिरों में दर्शन किये। इसके बाद पीएम मोदी ने संघ प्रमुख मोहन भागवत के साथ रामलला के दर्शन के साथ ही शंख-ध्वनि, वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा की। इस दौरान यूपी की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे। 

धर्मध्वजा का आरोहण के मद्देनजर अयोध्या में सुरक्षा के लिए 7000 से अधिक जवान तैनात किये गये हैं। भीड़ नियंत्रण हेतु 50 से अधिक स्क्रीन लगाई गईं हैं ताकि लोग दूर से भी समारोह देख सकें। पार्किंग एवं आवागमन के लिए जीपीएस आधारित सिस्टम लागू किया गया है।

कार्यक्रम में 6000 से अधिक विशेष अतिथि शामिल हुए। इनमें आम लोगों के अलावा संत, धर्माचार्य, विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधि, प्रमुख राजनीतिक हस्तियां थीं।  सीटिंग कलर-कोड और ऋषि ज़ोन के नामों पर आधारित थी—अवध, वाराणसी, कानपुर, गोरखपुर इत्यादि।

मंदिर परिसर उत्तर भारतीय नागर शैली और दक्षिण भारतीय द्रविड़ प्रभाव के शानदार मिश्रण में सजा है। परकोटा दक्षिण भारतीय परंपरा के अनुसार निर्मित है और पूरी संरचना रोशनी से नहाई हुई, सुबह-शाम दिव्य एहसास कराती है।

राम लला की प्राण प्रतिष्ठा के साथ ही अयोध्या में पर्यटन और इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश और तेज़ी से बढ़ रहा है। शहर को वैश्विक आध्यात्मिक केंद्र के रूप में विकसित करने की योजनाएं गति पकड़ चुकी हैं। यातायात, सेवाएं, होटल और आध्यात्मिक पर्यटन का व्यापक विस्तार जारी है।

SP_Singh AURGURU Editor