वृंदावन में दूसरे दिन भी कैनवास पर साकार हुईं राधा-कृष्ण की दिव्य लीलाएं, 10 सितंबर से प्रदर्शनी, प्रेम और सांस्कृतिक विरासत, सृजन प्रक्रिया देखने पहुंच रहे कला प्रेमी

वृंदावन। बाँकेबिहारी जी की नगरी में इन दिनों कैनवास पर राधा-कृष्ण की दिव्य लीलाएं आकार ले रही हैं। देश के विभिन्न हिस्सों से आए 20 प्रख्यात चित्रकार अपनी-अपनी कला शैलियों में श्रीकृष्ण की लीलाओं, राधा-कृष्ण के प्रेम और ब्रज की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत को रंग और तूलिका से उकेर रहे हैं। वृंदावन स्थित गीता शोध संस्थान में चल रहे तीन दिवसीय ‘श्री कृष्ण नेशनल आर्ट वर्कशॉप-2026’ के दूसरे दिन कलाकारों की सृजन प्रक्रिया देखने के लिए कला प्रेमी और स्थानीय लोग भी पहुंचते रहे। शिविर में तैयार चित्रों की प्रदर्शनी 10 सितंबर से लगाई जाएगी।

Sep 8, 2026 - 17:51
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वृंदावन में दूसरे दिन भी कैनवास पर साकार हुईं राधा-कृष्ण की दिव्य लीलाएं, 10 सितंबर से प्रदर्शनी, प्रेम और सांस्कृतिक विरासत, सृजन प्रक्रिया देखने पहुंच रहे कला प्रेमी
वृंदावन के गीता शोध संस्थान में चित्रकारों में कैनवास पर उकेरी जा रहीं राधा-कृष्ण की दिव्य लीलाएं।

कैनवास पर उतर रही ब्रज की भक्ति

उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के तत्वावधान में आयोजित शिविर में कोई कलाकार राधा-कृष्ण के प्रेम को रंगों के जरिए अभिव्यक्त कर रहा है तो कोई श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और ब्रज के प्राकृतिक सौंदर्य को कैनवास पर उतार रहा है। कलाकारों को सामने बैठकर चित्रों को आकार देते देखना आगंतुकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। कला प्रेमी चित्रों की विषय-वस्तु और कलाकारों की शैली को लेकर उनसे बातचीत भी कर रहे हैं।

देशभर से पहुंचे चित्रकार

शिविर में पद्मश्री शांति देवी (मधुबनी) के अलावा डॉ. अलका झा (इंदौर), डॉ. बंदना जोशी (नाथद्वारा), डॉ. पूनम रानी (अलीगढ़), नीतिक्षा डावर (दिल्ली), डॉ. खुशबू उपाध्याय (गाजियाबाद), सुश्री नेहा (लखनऊ), मनजीत कौर (चंडीगढ़), डॉ. अलका मनीष पाठक (सीहोर), सोमा आनंद (पटना), विनीता सिंह (पटना), विनीता शर्मा (जयपुर), कंचन प्रकाश (ग्रेटर नोएडा), सुमित्रा अहलावत (दिल्ली), सुमन डोंगरे (उज्जैन), प्रिंस राज (मेरठ), विनोद कुमार सिंह (लखनऊ), जयेश त्रिवेदी (उज्जैन) तथा ललित कला अकादमी, आगरा के निदेशक डॉ. मनोज कुमार सिंह (आगरा) प्रतिभाग कर रहे हैं।

9 सितंबर को प्रशस्ति पत्र, 10 से प्रदर्शनी

शिविर के संयोजक एवं गीता शोध संस्थान के समन्वयक चंद्र प्रताप सिंह सिकरवार ने बताया कि विभिन्न प्रदेशों से आए 20 चित्रकारों के चित्रांकन का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। 9 सितंबर को प्रतिभागी कलाकारों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे, जबकि 10 सितंबर से चित्रों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी।

उन्होंने बताया कि तीन दिवसीय कला शिविर के माध्यम से श्रीकृष्ण की लीलाओं और ब्रज की सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक चित्रकला के माध्यम से संरक्षित और प्रदर्शित करने का प्रयास किया जा रहा है।

SP_Singh AURGURU Editor