मण्डलायुक्त की अधिकारियों को दो टूक, उद्योग, निवेश और रोजगार योजनाओं में शत-प्रतिशत प्रगति सुनिश्चित करें
आगरा। आयुक्त सभागार में शुक्रवार को मण्डलायुक्त शैलेन्द्र कुमार सिंह की अध्यक्षता में मण्डलीय उद्योग बन्धु समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में औद्योगिक विकास, निवेश, स्वरोजगार योजनाओं, बुनियादी सुविधाओं एवं लंबित मामलों की विस्तार से समीक्षा की गई। मण्डलायुक्त ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ तय समय में पात्र लाभार्थियों तक पहुँचना चाहिए, इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
आयुक्त सभागार में मण्डलीय उद्योग बन्धु समिति की बैठक, मथुरा–फिरोजाबाद की धीमी प्रगति पर जताई नाराज़गी
आगरा। आयुक्त सभागार में शुक्रवार को मण्डलायुक्त शैलेन्द्र कुमार सिंह की अध्यक्षता में मण्डलीय उद्योग बन्धु समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में औद्योगिक विकास, निवेश, स्वरोजगार योजनाओं, बुनियादी सुविधाओं एवं लंबित मामलों की विस्तार से समीक्षा की गई। मण्डलायुक्त ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ तय समय में पात्र लाभार्थियों तक पहुँचना चाहिए, इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में सर्वप्रथम मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार सृजन कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा की गई। वर्तमान वित्तीय वर्ष में अब तक मण्डल स्तर पर 85 प्रतिशत मार्जिन मनी स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। हालांकि, फिरोजाबाद की प्रगति लक्ष्य के सापेक्ष कमजोर पाई गई, जबकि मथुरा में मार्जिन मनी स्वीकृति बढ़ाने के निर्देश दिए गए। मण्डलायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट किया कि प्रगति में शीघ्र सुधार किया जाए।
ओडीओपी और युवा उद्यमी विकास अभियान
ओडीओपी वित्त पोषण सहायता योजना के अंतर्गत निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष 94 प्रतिशत मार्जिन मनी स्वीकृति दी जा चुकी है, लेकिन मथुरा और फिरोजाबाद में वितरण की गति धीमी रहने पर चिंता जताई गई। वहीं मैनपुरी में भी वितरण प्रगति सुधारने के निर्देश दिए गए। सीएम युवा उद्यमी विकास अभियान में मथुरा पीछे रहा, जबकि फिरोजाबाद की प्रगति भी संतोषजनक नहीं पाई गई। मण्डलायुक्त ने निर्देश दिए कि चारों जिलों में शत-प्रतिशत वितरण सुनिश्चित किया जाए।
निवेश और एमओयू पर जोर
निवेश के क्षेत्र में जानकारी दी गई कि लगभग 490 एमओयू ग्लोबल बिजनेस कॉन्क्लेव (GBC) के लिए तैयार हैं। मण्डलायुक्त ने निवेश प्रस्तावों को समयबद्ध धरातल पर उतारने पर जोर दिया।
औद्योगिक क्षेत्रों की समस्याओं पर चर्चा
सिकंदरा औद्योगिक क्षेत्र में पूर्व निर्मित स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम की जल निकासी समस्या पर एडीए के अधिशासी अभियंता ने अवगत कराया कि परियोजना की जांच व्यय वित्त समिति से कराई जा चुकी है और राज्य अवस्थापना निधि से वित्त पोषण हेतु प्रस्ताव रखा जाएगा। फाउंड्री नगर में पार्क हेतु छोड़ी गई भूमि पर सौन्दर्यीकरण कार्य प्रारंभ हो चुका है, जिसे मार्च 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।
हस्तशिल्प व प्रशिक्षण योजनाएं
गलीचा बिराई प्रशिक्षण योजना के तहत सहायक निदेशक हस्तशिल्प ने बताया कि आगरा कारपेट एसोसिएशन के अध्यक्ष से प्रशिक्षण स्थल और कारीगरों के आईडी कार्ड को लेकर सकारात्मक बातचीत हुई है। निर्देश दिए गए कि लाभार्थियों की सूची शीघ्र तैयार कर दिल्ली मुख्यालय को प्रस्ताव भेजा जाए, जिससे प्रशिक्षण जल्द शुरू हो सके।
टैक्स, निवेश मित्र और लंबित प्रकरण
यूपीसीडा द्वारा अधिक टैक्स चार्ज किए जाने की शिकायत पर निर्देश दिए गए कि नगर निगम की अद्यतन टैक्स प्रणाली का आकलन कर व्यापारियों के हित में टैक्स बिल व्यवस्था तैयार की जाए। निवेश मित्र पोर्टल पर आगरा में 9, फिरोजाबाद में 3 और मथुरा में 18 लंबित प्रकरण पाए गए। मथुरा में सर्वाधिक लंबित मामलों पर मण्डलायुक्त ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए।
उद्योग बन्धुओं की मांगें
बैठक में उद्योग प्रतिनिधियों ने सिकंदरा व बोदला-बिचपुरी औद्योगिक क्षेत्र में विद्युत समस्या, नालों की सफाई, अवैध फड़ बाजार पर रोक और फतेहाबाद रोड पर सार्वजनिक पार्किंग स्थल न होने का मुद्दा उठाया। मण्डलायुक्त ने डीवीवीएनएल के मुख्य अभियंता को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा एडीए व नगर निगम को पार्किंग स्थल चिन्हित करने के निर्देश दिए।