आगरा के अरदाया का दोहरा हत्याकांड: प्रदर्शनकारियों पर पुलिस का शिकंजा, 47 पर मुकदमा दर्ज
किरावली (आगरा)। थाना अछनेरा क्षेत्र के गांव अरदाया में हुए दोहरे हत्याकांड को लेकर आक्रोशित ग्रामीणों द्वारा थाने पर किए गए हिंसक प्रदर्शन पर अब पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। 14 जुलाई को थाने पर शव लेकर प्रदर्शन करने और पुलिस से भिड़ने वाले 47 प्रदर्शनकारियों पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। इनमें 17 नामजद और 30 अज्ञात लोग शामिल हैं।
पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने न केवल थाने के सामने मुख्य मार्ग को जाम किया, बल्कि पुलिस के कब्जे से मृतकों के शव छीनने की कोशिश भी की। साथ ही, पुलिस के खिलाफ अपमानजनक नारेबाजी की गई, जिससे कानून-व्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ा। इस संबंध में थाना अछनेरा के उपनिरीक्षक जितेंद्र कुमार की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
दरअसल यह हत्याकांड तो किरावली थाना क्षेत्र में हुआ था, लेकिन पहले अछनेरा पुलिस इसे अपने थाना क्षेत्र की घटना मानकर शवों को अछनेरा थाने पर ले आई थी, लेकिन बाद में यह पता चलने पर कि घटनास्थल किरावली क्षेत्र में है, शवों को किरावली पुलिस को सौंप दिया था। जब पुलिस शवों को लेकर अछनेरा थाने पहुंची थी, उसी दौरान लोगों ने रोड जाम कर प्रदर्शन किया था।
मुकदमे में जिनके नाम सामने आए हैं, उनमें प्रमुख नाम इस प्रकार हैं-
मुनेश पुत्र देवीशरण, संजय पुत्र सुरेन्द्र सिंह, अजय पुत्र रामभरोसे, सुनील पुत्र रामवीर सिंह, गोविंदा पुत्र विजय सिंह, सीताराम पुत्र माँगेरा, नेत्रपाल का भतीजा (नाम-पता अज्ञात), डॉ. दीवान सिंह का लड़का (नाम-पता अज्ञात), भोला पुत्र किशन सिंह, योगी पुत्र परशुराम, शिवा पुत्र अज्ञात, प्रविन्द्र पुत्र अज्ञात, पिंटू वीकरवार पुत्र अज्ञात, शैलेन्द्र सिंह पुत्र राजेन्द्र, रिंकू पुत्र मान सिंह (सभी निवासी ग्राम अरदाया), रजत उर्फ राजू पुत्र बंटी (निवासी मोहल्ला रठिया, अछनेरा), भोजकुमार पुत्र छितर सिंह (निवासी मालिकपुर, थाना किरावली) आदि।
गौरतलब है कि गांव अरदाया निवासी नेत्रपाल और केपी सिंह की 13 जुलाई की रात कथित रूप से गांव के ही कुछ लोगों द्वारा हत्या कर दी गई थी। उनके शव 14 जुलाई को धनौली नहर क्रॉसिंग के पास पुरामना से बरामद हुए थे। हत्याकांड के विरोध में भारी संख्या में ग्रामीण अछनेरा थाने पहुंचे थे और पुलिस पर कार्रवाई में देरी का आरोप लगाते हुए जमकर प्रदर्शन किया था।
पुलिस ने पहले इस दोहरे हत्याकांड के खुलासे पर ध्यान दिया। 24 घंटे के अंदर खुलासा करने के बाद पुलिस ने अब बेवजह प्रदर्शन को लेकर मुकदमा दर्ज किया है। इसके बाद से ग्रामीणों में भय का माहौल है क्योंकि प्रदर्शन की वजह से उन पर शिकंजा कसा जा चुका है।