‘अनहद’ की गूंज से बदलेगा आगरा का माहौल, भक्ति की धुन पर झूमेंगे युवा, इस्कॉन और जैमिंग क्लब ला रहे शहर का पहला भजन कॉन्सर्ट
आगरा। ‘जब मन भटके, तो भक्ति को थामो’- इसी संदेश के साथ आगरा में पहली बार भक्ति और संगीत का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। इस्कॉन आगरा और द आगरा जैमिंग क्लब के संयुक्त तत्वावधान में 5 अप्रैल को ‘डिवोशन बियोंड बाउंड्रीज’ कार्यक्रम के अंतर्गत भव्य भजन कॉन्सर्ट ‘अनहद’ का आयोजन किया जा रहा है, जो युवाओं को आध्यात्मिकता की ओर जोड़ने का एक अनूठा प्रयास है।
इस आयोजन के आमंत्रण पत्र का विमोचन रश्मि नगर, कमला नगर स्थित इस्कॉन मंदिर में श्रद्धा और उत्साह के साथ किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में भक्तों और आयोजकों की उपस्थिति रही।
इस्कॉन मंदिर के एचपी अरविंद स्वरूप दास ने जानकारी देते हुए बताया कि यह भजन कॉन्सर्ट 5 अप्रैल को आरबीएस सभागार, खंदारी में शाम 6 बजे से प्रारंभ होगा। इस विशेष अवसर पर केन्या (अफ्रीका) से पधारीं प्रसिद्ध भक्ति गायिका हरिकांता देवी दासी अपनी मधुर कृष्ण भजनों से श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर करेंगी।
कार्यक्रम की संयोजक अशु मित्तल ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि युवाओं को भारतीय संस्कृति, संस्कार और भक्ति से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि आज का युवा तनाव, भ्रम और भटकाव से जूझ रहा है, ऐसे में यह कॉन्सर्ट उन्हें मानसिक शांति और जीवन की सकारात्मक दिशा प्रदान करेगा।
अपने संबोधन में हरिकांता देवी दासी ने कहा कि वर्तमान समय में वैश्विक स्तर पर तनाव और अशांति का वातावरण है, जिससे युवा मानसिक दबाव और अवसाद का शिकार हो रहे हैं। ऐसे समय में श्रीकृष्ण भक्ति ही मन को स्थिरता और जीवन को सार्थकता प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि मनुष्य का वास्तविक निवास वृंदावन धाम है, और जो इस सत्य को समझ लेता है, वह आत्मिक शांति की ओर अग्रसर हो जाता है।
उन्होंने यह भी बताया कि उनका परिवार पीढ़ियों से श्रीकृष्ण भक्ति से जुड़ा रहा है और वे वर्ष में दो बार भारत आकर मायापुर (पश्चिम बंगाल) और उड़ीसा स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर से आध्यात्मिक जुड़ाव बनाए रखती हैं।
कार्यक्रम की व्यवस्थापक रिया अग्रवाल ने बताया कि आयोजन में अधिक से अधिक युवाओं की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रयास किए गए हैं, ताकि वे भक्ति के माध्यम से अपने जीवन को नई दिशा दे सकें।
आमंत्रण पत्र विमोचन के अवसर पर अदिति गौरांगी देवी दासी, नलिनी गोपिका दास, श्रीरिशा निम्माकायला सहित अन्य श्रद्धालु भी उपस्थित रहे।