आगरा में ‘किसान दिवस बना मजाक’: महज आठ अधिकारी पहुंचे, सवालों से भागते दिखे जिम्मेदार, नहरें सूखी, ओलावृष्टि के मुआवजे में गोलमाल और गौशालाओं में जुए के अड्डे चलने जैसे गंभीर मुद्दे उठे

आगरा। जिले के किसानों के लिए बुधवार को विकास भवन में आयोजित किसान दिवस अव्यवस्था, लापरवाही और आरोप-प्रत्यारोप का अखाड़ा बनकर रह गया। किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए आयोजित इस बैठक में महज आठ अधिकारी पहुंचे, जबकि सीडीओ की महज चंद मिनटों की औपचारिक उपस्थिति ने पूरे आयोजन की गंभीरता पर सवाल खड़े कर दिए। गुस्साए किसानों ने इसे किसान दिवस का मजाक करार दिया है।

Apr 15, 2026 - 19:38
 0
आगरा में ‘किसान दिवस बना मजाक’: महज आठ अधिकारी पहुंचे, सवालों से भागते दिखे जिम्मेदार, नहरें सूखी, ओलावृष्टि के मुआवजे में गोलमाल और गौशालाओं में जुए के अड्डे चलने जैसे गंभीर मुद्दे उठे

नहरों में पानी नहीं, अधिकारी चुप

किसान रामगोपाल शर्मा ने नहर विभाग और सीडीओ से सीधा सवाल किया कि नहरों में पानी क्यों नहीं छोड़ा जा रहा, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। आरोप है कि अधिकारी केवल एक-दूसरे को बचाने में जुटे हैं और जमीनी समस्याओं से मुंह मोड़ रहे हैं।

मुआवजा जांच पर गंभीर आरोप

ताज सिटी आलू समिति के प्रदेश सचिव लक्ष्मीनारायण बघेल ने आरोप लगाया कि बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं और सरसों की फसल बर्बाद होने के बावजूद लेखपालों द्वारा की जा रही जांच में खुला खेल चल रहा है- जितना पैसा दो, उतनी नुकसान की रिपोर्ट बनती है, नहीं तो नुकसान ही नहीं दिखता।

 ‘सैटेलाइट से पराली दिखती है, ओले नहीं?’

किसान नेता श्याम सिंह चाहर ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जब दिल्ली से सैटेलाइट के जरिए पराली जलाना दिख जाता है, तो क्या उसी तकनीक से बारिश और ओलावृष्टि नहीं दिखती? उन्होंने इसे दोहरे मापदंड बताते हुए कहा कि कानून सिर्फ किसानों को परेशान करने के लिए इस्तेमाल हो रहा है।

गौशालाओं में जुए और भ्रष्टाचार के आरोप

किसान नेता श्याम सिंह चाहर ने सीवीओ विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि देहात की गौशालाओं में जुए के अड्डे चल रहे हैं, लेकिन अधिकारी एसी कमरों में बैठकर उधर झांकना भी नहीं चाहते।

उन्होंने कहा कि गौशालाओं में न हरे चारे की व्यवस्था है, न साफ पानी, जिससे गायें धूप में परेशान हैं और सरकारी धन का खुला दुरुपयोग हो रहा है।

अधिकारियों की उदासीनता पर भड़के किसान

बैठक में जिलाधिकारी की अनुपस्थिति और सीडीओ के चंद मिनट रुककर चले जाने पर भी किसानों ने नाराजगी जताई। श्याम सिंह चाहर ने सवाल उठाया कि पिछले दो वर्षों में कितने किसानों की समस्याओं का समाधान हुआ। इसका जवाब किसी अधिकारी के पास नहीं था।

सरकार को बदनाम कर रहे अधिकारी?

किसानों ने आरोप लगाया कि जिले के अधिकारी सरकार के आदेशों को हवा में उड़ा रहे हैं और उनकी कार्यशैली से प्रदेश सरकार की छवि खराब हो रही है। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

इस दौरान श्याम सिंह चाहर, लक्ष्मीनारायण बघेल, सत्यवीर, बासुदेव, रामगोपाल शर्मा, रविंद्र सिंह सहित कई किसान मौजूद रहे।

SP_Singh AURGURU Editor