थिरके कदम, गूंजी तालियां और छलका आत्मविश्वास! आगरा के प्रेम विद्यालय की छात्राओं ने नृत्य मंच पर बिखेरा प्रतिभा का अद्भुत रंग
आगरा। प्रेम विद्यालय गर्ल्स इंटरमीडिएट कॉलेज में आयोजित तीन दिवसीय सह-पाठ्यक्रम (सीसीए) प्रतियोगिता श्रृंखला का शनिवार को नृत्य प्रतियोगिता के साथ भव्य एवं उत्साहपूर्ण समापन हुआ। अंतिम दिन छात्राओं ने युगल और समूह नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियों से अपनी प्रतिभा, आत्मविश्वास, भाव-अभिव्यक्ति और मंच कौशल का शानदार प्रदर्शन किया। समापन समारोह में स्पेशल गेस्ट के रूप में विद्यालय की पूर्व छात्रा डॉ. बानी दयाल धीर, प्रधानाचार्या श्रीमती माला बल, मुख्य निर्णायक श्रीमती वीरा सक्सेना, शिक्षिकाएं एवं विद्यालय परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।

नृत्य प्रतियोगिता की स्पेशल गेस्ट डॊ. बानी दयाल धीर अन्य अतिथियों के साथ।
तीन दिनों तक चली प्रतियोगिता श्रृंखला के अंतिम दिन विद्यालय का वातावरण उत्साह, ऊर्जा और तालियों की गूंज से सराबोर रहा। छात्राओं ने युगल (ड्यूट) और समूह (ग्रुप) नृत्य की आकर्षक प्रस्तुतियां देकर दर्शकों का मन मोह लिया। प्रत्येक प्रस्तुति में संगीत, ताल, भाव, समन्वय और मंचीय अभिव्यक्ति का सुंदर मेल देखने को मिला। कार्यक्रम में उपस्थित छात्राओं ने भी पूरे उत्साह के साथ प्रतिभागियों का तालियों से लगातार उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम की मुख्य निर्णायक श्रीमती वीरा सक्सेना रहीं। वे एक प्रतिष्ठित कोरियोग्राफर, कथक गुरु एवं गायिका हैं। उन्हें कथक, भारतीय शास्त्रीय गायन और सितार वादन का 20 वर्षों से अधिक का अनुभव है तथा वे म्यूज़िक मंत्रा की संचालिका भी हैं। उनके निष्पक्ष एवं विशेषज्ञ निर्णय के आधार पर प्रतियोगिता के विजेताओं का चयन किया गया। कार्यक्रम का संचालन संयोजिका श्रीमती सुरत प्यारी और श्रीमती आकांक्षा रानी ने किया।
पूर्व छात्रा डॉ. बानी दयाल धीर की आंखें हुईं नम, साझा कीं सुनहरी यादें
कार्यक्रम की स्पेशल गेस्ट डॉ. बानी दयाल धीर के लिए यह अवसर बेहद भावुक और यादगार साबित हुआ। उन्होंने बताया कि वे स्वयं प्रेम विद्यालय की छात्रा रही हैं और इसी मंच से उनके जीवन की अनेक यादें जुड़ी हैं।
उन्होंने कहा कि विद्यालय में तीन दिन तक चली सीसीए प्रतियोगिता का हिस्सा बनकर उन्हें ऐसा महसूस हुआ जैसे वे फिर से अपने विद्यार्थी जीवन में लौट गई हों। विद्यालय परिसर में प्रवेश करते ही पुरानी स्मृतियां आंखों के सामने ताजा हो गईं। उन्होंने कहा कि इसी मंच पर उन्होंने भी अनेक बार नृत्य प्रस्तुतियां दी थीं और कई पुरस्कार प्राप्त किए थे।
डॉ. बानी दयाल धीर ने अपने नाना-नानी को याद करते हुए कहा कि उनकी नानी स्वयं एक उत्कृष्ट नृत्यांगना और गायिका हैं, जो बचपन में उन्हें घर के आंगन में बैठाकर नृत्य सिखाती थीं। वहीं उनके नाना हमेशा पढ़ाई के साथ सांस्कृतिक और रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित करते थे। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि अपने बचपन और परिवार के साथ बिताए गए अनमोल पलों में लौटने जैसा अनुभव था।
समापन समारोह में स्पेशल गेस्ट एवं मुख्य निर्णायक ने विजेता छात्राओं को पुरस्कार प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया। साथ ही प्रतियोगिता में भाग लेने वाली सभी छात्राओं के प्रयासों की भी सराहना की गई।
विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती माला बल ने कहा कि तीन दिवसीय सीसीए प्रतियोगिता श्रृंखला के माध्यम से छात्राओं को साहित्य, भाषा, संगीत, अभिनय, अभिव्यक्ति और नृत्य जैसी विभिन्न विधाओं में अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिला।