युवाओं को कंबोडिया-थाईलैंड भेजकर ऑनलाइन ठगी कराने वाले गिरोह का भंडाफोड़, सरगना गिरफ्तार
आगरा साइबर सेल ने विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं को कंबोडिया और थाईलैंड भेजकर साइबर ठगी कराने वाले गैंग का पर्दाफाश किया है। गिरोह के सरगना नागेश Kumar को हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा से गिरफ्तार किया गया। आरोपी पर युवाओं से लाखों रुपये वसूलने और उन्हें साइबर स्लेवरी में धकेलने का आरोप है। पुलिस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।
आगरा। आगरा साइबर क्राइम थाना और पुलिस कमिश्नरेट आगरा की टीम को साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान में बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों को फंसाकर उन्हें “साइबर स्लेव” बनाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के सरगना नागेश कुमार को गिरफ्तार किया है। आरोपी को हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले से पकड़ा गया।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी बेरोजगार युवाओं और नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को विदेश में अच्छी सैलरी और आकर्षक नौकरी का लालच देता था। इसके बाद उनसे लाखों रुपये वसूले जाते थे। गिरोह के सदस्य पीड़ितों को कंबोडिया और थाईलैंड भेजते थे, जहां उनसे साइबर ठगी, ऑनलाइन फ्रॉड और अन्य अवैध गतिविधियां कराई जाती थीं।
बताया जा रहा है कि विदेश पहुंचने के बाद युवाओं के पासपोर्ट और दस्तावेज अपने कब्जे में लेकर उन्हें जबरन काम करने के लिए मजबूर किया जाता था। विरोध करने पर मानसिक प्रताड़ना और धमकियां भी दी जाती थीं। इस तरह लोगों को साइबर अपराध के नेटवर्क में फंसाकर “साइबर स्लेवरी” का हिस्सा बनाया जाता था।
आगरा साइबर क्राइम थाना में दर्ज मुकदमे की जांच के दौरान पुलिस को आरोपी नागेश कुमार की भूमिका के अहम साक्ष्य मिले। इसके बाद पुलिस टीम ने तकनीकी सर्विलांस और गोपनीय सूचना के आधार पर हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से एक मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है, जिसे जांच के लिए कब्जे में लिया गया है। पुलिस अब आरोपी के नेटवर्क, उसके सहयोगियों और विदेश में सक्रिय संपर्कों की जानकारी जुटाने में लगी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह गिरोह देश के कई राज्यों के युवाओं को निशाना बनाता था। मामले में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द ही बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।