मां-बाप के रूप में भगवान की झलक: अनुभव निधि आश्रम ने बुजुर्गों को दिया सम्मान, सहारा और स्वाभिमान का नया जीवन, वार्षिकोत्सव में उमड़ी भावनाओं की भीड़
आगरा। सेवा, सम्मान, स्वाभिमान और स्वावलंबन की जीवंत मिसाल बन चुका अनुभव निधि आश्रम एक बार फिर समाज के सामने प्रेरणा बनकर उभरा, जब उजरई (हाथरस रोड) स्थित आश्रम परिसर में पंचम वार्षिकोत्सव भव्यता के साथ मनाया गया। बुजुर्गों के अकेलेपन को दूर कर उनके अनुभवों को समाज की पूंजी में बदलने वाले इस अनूठे प्रयास में सैकड़ों समाजसेवियों की भागीदारी ने आयोजन को यादगार बना दिया।
विधायक ने की सेवा कार्यों की सराहना
समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि क्षेत्रीय विधायक डॊ. धर्म पाल सिंह और विशिष्ट अतिथि आई नेक्स्ट के संपादक अखिल दीक्षित द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
विधायक डॉ. धर्मपाल सिंह ने कहा कि बुजुर्गों की सेवा से बड़ा कोई पुण्य कार्य नहीं है। वहीं अखिल दीक्षित ने कहा कि यह आश्रम केवल सुविधा ही नहीं दे रहा, बल्कि बुजुर्गों के अनुभवों को समाज के लिए उपयोगी बना रहा है, जो इसे अनूठा बनाता है।
प्रकृति, सेवा और स्वावलंबन का संगम
आश्रम का हरा-भरा वातावरण, फूलों-फलों और औषधीय पौधों से सजी हरियाली, 40 गोवंश की सेवा, नियमित योग, प्राथमिक चिकित्सा, पूजा-पाठ और सत्संग, यह सब यहां निवासित नारायण-नारायणी के जीवन को नई ऊर्जा देता है।
स्वावलंबन योजना के तहत बुजुर्गों के अनुभव के आधार पर शुद्ध उत्पाद तैयार कर समाज को उपलब्ध कराने की पहल को भी खूब सराहा गया।
34 कमरे तैयार, 300 लोगों के निवास का लक्ष्य
अध्यक्ष विजय खन्ना (रोमसंस) ने बताया कि वर्ष 2022 में संत विजय कौशल महाराज द्वारा उद्घाटन के समय केवल 8 कमरे बने थे, लेकिन अब 34 हवादार, अटैच लैट्रिन-बाथरूम युक्त कमरे तैयार हो चुके हैं।
आगे विस्तार कर 300 लोगों के निवास की योजना है। एक भव्य देवालय और गौसेवा के लिए विशाल भूसा भंडार का निर्माण भी प्रगति पर है। उन्होंने अपील की कि यदि आसपास कोई बुजुर्ग अकेलापन महसूस कर रहे हों, तो उन्हें आश्रम से जोड़ा जाए, ताकि वे उत्साह और सम्मान के साथ जीवन जी सकें।
श्रवण कुमार योजना बनी सहारा
उपाध्यक्ष मुरारी प्रसाद अग्रवाल (एकता बिल्डर) ने बताया कि श्रवण कुमार योजना के तहत बच्चे अपने माता-पिता को अस्थायी रूप से आश्रम में छोड़ सकते हैं और निश्चिंत होकर यात्रा या अन्य कार्य कर सकते हैं। विदेश या दूर रहने वाले बच्चों के माता-पिता के लिए भी यहां विशेष व्यवस्था है।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां
कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने सभी को भाव-विभोर कर दिया। अन्नपूर्णा महिला समिति ने रामायण के केवट प्रसंग पर आधारित नाटिका और कान्हा भजनों पर समूह नृत्य प्रस्तुत किया।
श्रीमती आशा खन्ना, अंजू सिंघल, रेखा अग्रवाल, मीरा अग्रवाल, सीमा अग्रवाल, मीनाक्षी अग्रवाल, निर्मल गुप्ता, रीता जैन, सपना गर्ग, दिनेश भाटिया, शगुन अग्रवाल, मान्या अग्रवाल, निकिता बंसल, शिप्रा अग्रवाल और स्नेहिल अग्रवाल ने प्रमुख भूमिकाएं निभाईं।
सरस्वती विद्या मंदिर, कमला नगर के संगीत शिक्षक प्रवीन शर्मा के निर्देशन में विजेंद्र, दिनेश शर्मा और छात्र अंश गुप्ता ने भजनों की प्रस्तुति दी।
छात्र अंश गुप्ता की आवाज में गाई पंक्तियां- धरती पे रूप मां-बाप का, उस विधाता की पहचान है…, ने सभी को भावुक कर दिया।
सैकड़ों समाजसेवियों की रही उपस्थिति
कार्यक्रम में विवेक मोहन, राजेश अग्रवाल (रसोई रत्न), पूर्व पार्षद ताराचंद मित्तल, सीए एसके अग्रवाल, संतोष गुप्ता (नवोदय गैस), प्रमोद सिंघल, रंगेश त्यागी, उमेश अग्रवाल (एससीडीसी), योगेंद्र सिंघल, हेमेंद्र अग्रवाल (चुनमुन भाई), अनुराधा भाटिया, संजय गोयल और डॉ. राधेश्याम गर्ग सहित सैकड़ों समाजसेवी उपस्थित रहे।