ईमानदारी का सम्मान और सेवा को सलामः उत्तर प्रदेश पुलिस ने गणतंत्र दिवस पर एसओएस के वॉलिंटियर्स को किया गौरवान्वित
आगरा। 77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा समाज में ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और निस्वार्थ सेवा की मिसाल कायम करने वाले एसओएस संस्था से जुड़े छह ऑटो ड्राइवर वॉलिंटियर्स को सम्मानित कर एक सशक्त और प्रेरणादायक संदेश दिया गया। यह सम्मान न केवल इन कर्मठ नागरिकों की सेवा भावना का प्रतीक बना, बल्कि पूरे समाज के लिए नैतिक मूल्यों को मजबूती देने वाला उदाहरण भी प्रस्तुत कर गया।

एसओएस के संस्थापक एवं व्यवहार विज्ञानी डॊ. नवीन गुप्ता को सम्मानित करते पुलिस आयुक्त दीपक कुमार।
पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में सम्मानित किए गए एसओएस ऑटो वॉलिंटियर्स में नूर मोहम्मद, नीरज तिवारी, विजेंद्र कुमार, शकील अहमद एवं मातादीन शामिल हैं। इन्हें पुलिस आयुक्त दीपक कुमार और जिलाधिकारी अरविंद मलप्पा बंगारी ने सम्मानित किया। इस मौके पर एसओएस के संस्थापक डॊ. नवीन गुप्ता भी मौजूद थे, जिन्होंने इन वॊलिंटियर्स को नई दिशा दी है। पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने डॊ. नवीन गुप्ता को भी प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
सम्मानित वॉलिंटियर्स ने शहर में ईमानदारी, संवेदनशीलता और मानवता के साथ अपनी सेवाएं देते हुए कई बार जरूरतमंदों की मदद की और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को प्राथमिकता दी। इन वॉलिंटियर्स की निस्वार्थ सेवा ने यह सिद्ध कर दिया कि वर्दी के बिना भी अनुशासन, कर्तव्य और देशसेवा निभाई जा सकती है। इन वॉलिंटियर्स ने अपने ऒटो में छूटे यात्रियों के लाखों रुपये कैश और कीमती सामान लौटाए हैं।
गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा इन ऑटो वॉलिंटियर्स को सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया जाना अपने आप में एक आक्रामक सामाजिक संदेश है कि ईमानदारी और सेवा को शासन-प्रशासन पूरी गंभीरता से पहचानता और प्रोत्साहित करता है। इस पहल से आम नागरिकों में भी सकारात्मक प्रतिस्पर्धा और नैतिक साहस को बल मिलेगा।
एसओएस संस्था ने इस सम्मान समारोह के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे सम्मान ईमानदार नागरिकों का मनोबल बढ़ाते हैं और समाज में भरोसे, सहयोग व संवेदनशीलता की भावना को मजबूत करते हैं। संस्था ने यह भी कहा कि जब प्रशासन और समाज मिलकर अच्छे कार्यों को पहचान देता है, तब एक सुरक्षित, संवेदनशील और जिम्मेदार शहर का निर्माण संभव होता है।