लखनऊ में फिट करेंगे ब्रह्मोस तो दुश्मन के आका भी कांप जाएंगे- योगी
गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में परमहंस श्री योगानंद की जन्मस्थली के पर्यटन विकास के लिए 2768 लाख रुपये की परियोजनाओं का शिलान्यास एवं भूमिपूजन किया। इस कार्यक्रम में सीएम योगी ने कहा भारत की परंपरा महान योगियों तपस्वियों ऋषि और संतों महर्षियों से जुड़ी हुई रही है, जिन्होंने केवल भौतिक चक्षु से ही नहीं बल्कि चेतना के विस्तार के माध्यम से केवल इस ब्रह्मांड का ही नहीं इस लोक का ही नहीं बल्कि संपूर्ण ब्रह्मांड के रहस्यों को उजागर करके रख दिया था।
इस कार्यक्रम में सीएम योगी ने कहा कि अभी आपने देखा होगा दो दिन पहले जो सबसे बड़ा आतंकी राष्ट्र है पाकिस्तान। पाकिस्तान के एक जहाज को जिस मिसाइल ने निशाना बनाया था उस मिसाइल का नाम है ब्रह्मोस मिसाइल। यह मिसाइल अब लखनऊ में ही बनने वाली है। लखनऊ से फिट करेंगे तो दुश्मन और दुश्मन के आका भी कांप जाएंगे। बड़ी-बड़ी तोप बनेंगी जो दुश्मन को कंपाएगी और याद रखना यह तभी है जब सुरक्षा का बेहतर माहौल हो और सुरक्षा के लिए राष्ट्र के प्रति समर्पण का भाव हर व्यक्ति के मन में होना चाहिए।
सीएम योगी ने कहा कि हमारा देश तभी सुरक्षित और समृद्धि की ओर अग्रसर होगा जब हम सब की प्राथमिकता में पहले देश होगा। देश पहले जब इस भाव के साथ हम काम करेंगे कोई देश के आन मान और शान के खिलाफ गुस्ताखी करेगा तो फिर उसके छुड़ा दिए जाएंगे। कोई देश की सुरक्षा में सेंध लगाएगा, इससे पहले कि सेंध लगाए उसी में सेंध लगा देने की आवश्यकता है। उसी को ठीक कर देने की आवश्यकता है। कोई भी ऐसा बयान जो देश के खिलाफ और सुरक्षा बलों के जवानों के मनोबल को तोड़ने वाला है, तत्काल उसके खिलाफ जनता को जागरूक करने की आवश्यकता है।
सीएम योगी ने कहा कि याद करिए भारत की आध्यात्म की ही पराकाष्ठा रही होगी। महाभारत का युद्ध चल रहा है, धृतराष्ट्र दोनों आंखों से उन्हें दिखाई नहीं देता है। एक तरफ उनके पुत्र के नेतृत्व में महाभारत की सेना खड़ी है कौरवों की और दूसरी तरफ उनके भतीजे युधिष्ठिर के नेतृत्व में उस रणभूमि में खड़े हैं. लेकिन धृतराष्ट्र को यह लगा कि मुझे यह युद्ध देखना चाहिए, युद्ध कैसे होता है। इसके बारे में जानना चाहता हूं. क्योंकि कौरव सत्ता में थे। कौरव के साथ बड़ी सेना थी। उनको यह लगता था धृतराष्ट्र को ये गलतफहमी हो गई थी कि कौरव जीतेंगे इसलिए वह युद्ध के वृतांत को देख सुनना चाहता था, तो इसका समाधान कैसे होगा?