जाट महासभा ने महाराजा सिंह के बलिदान और सत्यपाल मलिक के योगदान को किया याद

आगरा। पूर्व राज्यपाल, किसान नेता व वरिष्ठ जनप्रतिनिधि स्वर्गीय सतपाल मलिक तथा भरतपुर नरेश महाराजा जवाहर सिंह के सम्मान में आज शास्त्रीपुरम स्थित आशीर्वाद गार्डन में अखिल भारतीय जाट महासभा द्वारा श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने जहां सतपाल मलिक को मरणोपरांत राजकीय सम्मान न दिए जाने को लोकतांत्रिक मूल्यों पर कुठाराघात बताया, वहीं महाराजा जवाहर सिंह के ऐतिहासिक योगदान को भावपूर्ण रूप से याद किया।

Aug 7, 2025 - 22:12
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जाट महासभा ने महाराजा सिंह के बलिदान और सत्यपाल मलिक के योगदान को किया याद
जाट महासभा द्वारा गुरुवार को आयोजित की गई श्रद्धांजलि सभा में मौजूद समाज के गणमान्य लोग।

-पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक को श्रद्धांजलि, राजकीय सम्मान न देने पर जाट समाज ने जताया आक्रोश

कार्यक्रम की शुरुआत दोनों विभूतियों के चित्रों पर माल्यार्पण व पुष्पांजलि के साथ हुई। महासभा के जिलाध्यक्ष कप्तान सिंह चाहर ने कहा कि सत्यपाल मलिक ने चौ. चरण सिंह की छत्रछाया में रहकर किसानों की निःस्वार्थ सेवा की। उन्हें राजकीय सम्मान न देना समूचे जाट समाज का अपमान है।

पूर्व चेयरमैन जगदीश इन्दौलिया ने उन्हें सच्चा देशभक्त और किसान हितैषी बताया। जाट एकता एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विपिन चौधरी और महामंत्री कृपालुकिंकर महाराज ने महाराजा जवाहर सिंह को अद्वितीय योद्धा बताया जिन्होंने 1761 में आगरा किला फतह कर मुगलिया सल्तनत को उखाड़ फेंका। उन्होंने बताया कि एक मेव सैनिक ने विश्वासघात करते हुए उन्हें किले की सीढ़ियां उतरते समय जहरीले खंजर से मार डाला था।

प्रदेश उपाध्यक्ष चौ. मान सिंह और राधेश्याम मुखिया ने 1768 में महाराज जवाहर सिंह द्वारा दिल्ली फतह और लाल किले के फाटक-सिंहासन को भरतपुर ले आने की गौरवगाथा को साझा किया।सभा का संचालन महासभा के महामंत्री वीरेन्द्र सिंह छौंकर ने किया।

उपस्थित लोगों में भूपेंद्र सिंह राणा, चौ. गुलवीर सिंह, चौ. नवल सिंह, गजेंद्र सिंह नरवार, नरेश इन्दौलिया, देवेन्द्र चौधरी, अजित चाहर, नैपाल सिंह राणा, विनीत छौंकर, निर्मला चाहर, विनीता सिंह, के.पी. चाहर, गुड्डा चाहर, कीर्ति सिंह, जयवीर सिंह आर्य, एन.के. राणा, तोरन सिंह चाहर आदि प्रमुख थे।

SP_Singh AURGURU Editor