जिनपिंग ने की अमेरिकी की कड़ी आलोचना, बोले - जंगलराज नहीं चलने देंगे, होर्मुज की नाकेबंदी गैर-जिम्मेदाराना कदम
चीन ने अमेरिका की तरफ से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में नाकेबंदी की कार्रवाई की आचोलना करते हुए इसे खतरनाक और गैर-जिम्मेदाराना कदम करार दिया है।
बीजिंग। पाकिस्तान में ईरान के साथ शनिवार (11 अप्रैल, 2026) को हुई शांति वार्ता के विफल होने से अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाराजगी जताते हुए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरान के बंदरगाहों पर नाकेबंदी की कार्रवाई को लागू कर दिया। ट्रंप के इस कदम की ईरान ने कड़ी आलोचना की। वहीं, अब चीन ने भी अमेरिका की इस कार्रवाई की अब तक की सबसे बड़ी आचोलना की है। चीन ने इस अमेरिकी कार्रवाई को खतरनाक और गैर-जिम्मेदाराना करार दिया है।
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अमेरिका को खरी-खरी सुनाते हुए कहा, ‘जंगलराज नहीं चलने देंगे। दुनिया को जंगल के कानून की तरफ वापस जाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।’ हालांकि, ईरान युद्ध को लेकर अमेरिका ने इससे पहले स्पेन को दुत्कार दिया था, लेकिन अब चीन ने इस मामले पर स्पेन का साथ दिया है।
जिनपिंग ने कहा, ‘चीन और स्पेन दोनों ही सिद्धांतवादी और तर्कसंगत देश हैं। हम इतिहास के सही पक्ष में खड़े होने के लिए तैयार हैं। हमें जंगल के कानून का विरोध करना चाहिए और मिलकर सच्चे बहुपक्षवाद को कायम रखते हुए विश्व शांति और विकास की रक्षा करनी चाहिए।’
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का यह बयान अमेरिका की ओर से ईरान की मदद करने के आरोप और बीजिंग पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने की धमकी देने के बाद सामने आई है। एनबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन ने इस बात से साफ इनकार कर दिया कि वह ईरान को एयर डिफेंस से जुड़े हथियार मुहैया करा रहा है और कहा कि अगर ट्रंप इस आरोप को बहाना बनाकर चीनी सामानों पर अतिरिक्त 50% टैरिफ लगाते हैं, तो इसके बाद चीन भी जवाबी कार्रवाई करेगा।
मामले की जानकारी रखने वाले एक शख्स ने अमेरिकी खुफिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए एनबीसी से कहा कि चीन अगले कुछ हफ्तों में ईरान को नए एयर डिफेंस हथियार देने की योजना बना रहा है या फिर पहले ही भेज चुका है। इसी वजह से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन पर अतिरिक्त 50% टैरिफ लगाने की धमकी दी है।
बीजिंग ने ईरान के बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकेबंदी को खतरनाक और गैर-जिम्मेदाराना करार दिया है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने बयान जारी कर कहा, ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में टारगेटेड अमेरिकी नाकेबंदी से तनाव और बढ़ेगा। साथ ही पहले से ही नाजुक दौर से गुजर रहे सीजफायर समझौते को और नुकसान पहुंचेगा।’ उन्होंने कहा कि वॉशिंगटन के इस कदम से स्ट्रेट से आवाजाही की सुरक्षा और भी खतरे में पड़ जाएगी।