यूपी चुनाव में करणी सेना की एंट्री,  कई सीटों पर उतारेगी प्रत्याशी, योगी-मोदी को बताया ईमानदार

करणी सेना ने यूपी विधानसभा चुनाव में 50 से 70 सीटों पर प्रत्याशी उतारने का ऐलान किया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरजपाल सिंह अम्मू ने 11 जिलों से रथ यात्रा निकालने की बात कही।

Aug 9, 2026 - 21:30
Aug 10, 2026 - 13:25
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यूपी चुनाव में करणी सेना की एंट्री,  कई सीटों पर उतारेगी प्रत्याशी, योगी-मोदी को बताया ईमानदार


नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। अब करणी सेना ने भी विधानसभा चुनाव में उतरने का ऐलान किया है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरजपाल सिंह अम्मू ने एक बैठक के दौरान कहा कि करणी सेना उत्तर प्रदेश में 50 से 70 विधानसभा सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारेगी। इसके लिए संगठन ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं।

अम्मू ने कहा कि करणी सेना के कार्यकर्ता गांव-गांव जाएंगे और लोगों को संगठन से जोड़ेंगे। संगठन की कोशिश है कि विधानसभा चुनाव में अपनी ताकत दिखाई जाए और ज्यादा से ज्यादा सीटों पर मजबूती के साथ चुनाव लड़ा जाए।

करणी सेना की ओर से प्रदेश के 11 जिलों से रथ यात्रा निकालने की तैयारी की जा रही है। इस यात्रा का समापन अयोध्या में किया जाएगा। सूरजपाल सिंह अम्मू के मुताबिक अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, बिजनौर, मुरादाबाद, बनारस समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश, बुंदेलखंड और पूर्वांचल के अलग-अलग जिलों से रथ यात्राएं निकाली जाएंगी।

बैठक में रथ यात्रा को सफल बनाने और संगठन को गांव-गांव तक मजबूत करने की रणनीति पर चर्चा की गई। संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को चुनाव की तैयारियों में जुटने के लिए कहा गया है।

करणी सेना ने स्नातक चुनाव में डॉ. सुनीता मिश्रा को समर्थन देने का भी फैसला किया है। अम्मू ने कहा कि संगठन हर जिले की विधानसभा में जाकर मतदाताओं को जोड़ेगा। इसके साथ ही ज्यादा से ज्यादा वोट डॉ. सुनीता मिश्रा के पक्ष में कराने के लिए संगठन काम करेगा।

सूरजपाल सिंह अम्मू ने कहा, "कुछ लोग इस घमंड में रहते हैं कि वे जिसे वो टिकट देंगे, वही चुनाव जीत जाएगा। हम अपने संगठन के जरिए इस चुनाव में उन्हें दिखा देंगे। ऐसे लोगों का घमंड चूर करेंगे।" उन्होंने कहा कि जनता के हाथ में बड़ी ताकत है और चुनाव के जरिए जनता अपनी ताकत का एहसास करा सकती है।

अम्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने कहा, "पीएम मोदी और योगी आदित्यनाथ ईमानदार है, लेकिन उनके आसपास के लोग भ्रष्ट हैं।"

अम्मू ने बताया कि वह करीब 37 साल तक बीजेपी के साथ रहे, लेकिन वर्ष 2024 में उन्होंने बीजेपी से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कहा कि अब उनका उद्देश्य जनता की ताकत दिखाना और राजनीतिक दलों के घमंड को चूर करना है।