लखपति दीदी की उड़ान: प्रभा यादव की उद्यमिता को राष्ट्रीय मंच पर मिला गौरव, भारत मण्डपम में उत्तर प्रदेश की ग्रामीण शक्ति का सम्मान, महिला सशक्तिकरण की प्रेरक कहानी

लखनऊ। ग्रामीण भारत की महिला उद्यमिता को राष्ट्रीय पहचान दिलाने वाला एक गौरवपूर्ण क्षण उस समय सामने आया, जब राष्ट्रीय महिला आयोग के तीन दिवसीय स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर भारत मण्डपम, नई दिल्ली में उत्तर प्रदेश की लखपति दीदी श्रीमती प्रभा यादव की उद्यमशील सफलता को प्रतीकात्मक सम्मान प्रदान किया गया।

Jan 30, 2026 - 19:16
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लखपति दीदी की उड़ान: प्रभा यादव की उद्यमिता को राष्ट्रीय मंच पर मिला गौरव, भारत मण्डपम में उत्तर प्रदेश की ग्रामीण शक्ति का सम्मान, महिला सशक्तिकरण की प्रेरक कहानी
भारत मण्डपम, नई दिल्ली में राष्ट्रीय महिला आयोग के स्थापना दिवस समारोह के दौरान उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती विजय राहटकर को लखपति दीदी प्रभा यादव पर आधारित कैनवस पेंटिंग भेंट करती हुईं।

29 जनवरी 2026 को आयोजित इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान ने राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती विजय राहटकर को श्रीमती प्रभा यादव पर महिला आयोग द्वारा निर्मित एक आकर्षक कैनवस पेंटिंग भेंट की।

ग्रामीण महिला से राष्ट्रीय प्रेरणा तक का सफर

श्रीमती प्रभा यादव उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी एक सशक्त स्वयं सहायता समूह सदस्य हैं। वह मुरली माता स्वयं सहायता समूह की सक्रिय सदस्य होने के साथ-साथ बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी की नियमित दुग्ध उत्पादक भी हैं। ग्राम रसोई, जनपद झाँसी की निवासी प्रभा यादव ने अपने परिश्रम, अनुशासन और उद्यमशील सोच के बल पर लखपति दीदी के रूप में एक सशक्त पहचान बनाई है।

आंकड़े जो आत्मनिर्भरता की कहानी कहते हैं

वित्तीय वर्ष 2024–25 से दिसंबर 2025 तक श्रीमती प्रभा यादव ने 3475 लीटर दूध की आपूर्ति कर लगभग 2.16 लाख रुपये का कारोबार किया। वर्तमान में उनके पास 7 दुधारू पशु हैं, जो उनकी सतत आजीविका और आर्थिक आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार हैं।

महिला सशक्तिकरण की जीवंत मिसाल

इस अवसर पर उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान ने कहा कि श्रीमती प्रभा यादव जैसी महिलाएं ग्रामीण क्षेत्रों में महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भर भारत और आजीविका सृजन की जीवंत मिसाल हैं। उन्होंने कहा कि लखपति दीदी योजना महिलाओं को केवल आर्थिक रूप से सशक्त ही नहीं बना रही, बल्कि उन्हें समाज में सम्मान, आत्मविश्वास और नई पहचान भी दिला रही है।

उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश की हजारों ग्रामीण महिलाएं आज स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से स्वरोज़गार अपनाकर परिवार और समाज की आर्थिक रीढ़ बन रही हैं, और प्रभा यादव उन्हीं प्रेरक चेहरों में से एक हैं।

SP_Singh AURGURU Editor