नेता विरोधी दल माता प्रसाद और सांसद नीरज मौर्य हाउस अरेस्ट
बरेली हिंसा का जायजा लेने जा रहे समाजवादी पार्टी के 14 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल पर यूपी सरकार का एक्शन, सपा का बरेली दौरा स्थगित।
आरके सिंह
बरेली। 26 सितंबर को हुए बवाल के पीड़ितों से मिलने आ रहे समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल में शामिल नेताओं को उनके जिलों में ही हाउस अरेस्ट कर लिया गया। बरेली में आंवला संसदीय क्षेत्र के सांसद नीरज मौर्य समेत सपा के सभी बड़े नेता घर पर ही कैद कर दिए गए।
प्रतिनिधि मंडल शामिल नेता विरोधी दल माता प्रसाद पांडे को लखनऊ में उनके सरकारी आवास पर ही हाउस अरेस्ट कर लिया गया। उनके साथ बहेड़ी के विधायक अता उर रहमान भी लखनऊ में ही हाउस अरेस्ट किए गए। बरेली के वरिष्ठ पुरुषअधीक्षक अनुराग आर्य ने बताया कि बरेली में कानून व्यवस्था को सामान्य रखने के लिए जो जरुरी होगा, वह कारवाई होगी।
बरेली जिले के आंवला संसदीय क्षेत्र के सपा सांसद नीरज मौर्य को बरेली के सर्किट हाउस में रोका गया। सांसद इकरा हसन, हरेंद्र मलिक को भी संबंधित जिलों में ही हाउस अरेस्ट कर लिया गया। भोजीपुरा विधायक शहजिल इस्लाम को उनके रामपुर रोड स्थित फार्म हाउस पर नजर बंद किया गया तो पूर्व सांसद प्रवीण सिंह ऐरन के सिविल लाइन स्थित आवास पर भी सुबह ही पुलिस फोर्स पहुंच गई हालांकि ऐरन पुलिस को घर पर नहीं मिले। समाजवादी पार्टी के मिशन कंपाउंड स्थित जिला कार्यालय पर भी पुलिस तैनात रही।
- सपा के अधिकांश वरिष्ठ नेता घर पर ही नजरबंद कर दिए गए।
नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे की अगुआई में सपा प्रतिनिधिमंडल कमिश्नर भुपेंद्र एस चौधरी व डीआईजी बरेली रेंज अजय कुमार साहनी को ज्ञापन देने का जाना था। टीम में सांसद मुजफ्फरनगर हरेंद्र मलिक, सांसद कैराना इकरा हसन, सांसद संभल जिया उरहमान बर्क, आंवला सांसद नीरज मौर्या, बहेड़ी विधायक अताउरहमान, भोजीपुरा विधायक शहजिल इस्लाम, शामिल हैं।
इस बारे में सपा के महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी ने बताया कि 26 सितंबर को हुए उपद्रव में कई बेगुनाहों, नाबालिगों पर पुलिस ने कार्रवाई की है। जो सरासर गलत है। सपा आईएसमी के साथ नहीं है। वह बेगुनाहों के साथ है। निर्दोष पर कार्रवाई होना गलत है। सपा इस मामले को लेकर ही ज्ञापन देने जा रही थी। लेकिन उसे नजरबंद कर लिया गया।
आरएसएस की छुपी शाखा है आईएमसी : ऐरन
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता पूर्व सांसद प्रवीण सिंह ऐरन ने कहा है कि प्रशासन पीड़ितों से मिलने आ रहे विपक्षी दलों के प्रतिनिधिमंडल को रोककर आखिर क्या छुपाना चाहता है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में राजनैतिक दलों का काम जनता की समस्याएं सुनना और उन्हें अफसरों तक पहुंचाकर हल कराना है। ऐसे में धारा 163 के नाम पर सपा के प्रतिनिधिमंडल को बरेली आने से रोकना और स्थानीय सपा नेताओं को हाउस अरेस्ट करना गलत है। मौलाना तौकीर को भाजपा का ऐजेंट बताते हुए उन्होंने कहा कि आईएमसी आरएसएस की ही एक छुपी हुई शाखा है। उन्होंने कहा कि 26 सितंबर को आखिर बरेली में ऐसा क्या हुआ है जो यहां के अफसर राजनैतिक दलों से छुपाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के इशारे पर तौकीर को केवल इसलिए गिरफ्तार किया गया है ताकि जेल से छूटने के बाद वो मुसलमानों के बीच जाकर समाजवादी पार्टी के वोट काटकर भाजपा को फायदा पहुंचा सकें।
पूर्व सांसद वीरपाल यादव, पूर्व सांसद प्रवीण सिंह ऐरन, पूर्व मंत्री भगवत शरण गंगवार, समेत चौदह सदस्य टीम में शामिल थे। पुलिस ने सपा नेताओं को नजर बंद कर दिया है। जिसमें महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी को किला स्थित उनके आवास पर उनके समर्थकों हरीओम, राजेश मौर्या, जमील अहमद, नाजिम कुरैशी, मोहम्मद फैजान, दीपक शर्मा, पार्षद आरिफ कुरैशी समेत हाउस अरेस्ट कर लिया है। वहीं सपा के जिला अध्यक्ष शिवचरण कश्यप को उनकेसमर्थकों अशोक यादव, समेत नजर बंद किया गया है। इस तरह सपा के अन्य पदाधिकारी भी घरों में नजरबंद किए गए हैं। उनके घरों के आसपास भी भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है।
बीते दिनों (26 सितंबर) बरेली में जुम्मे की नमाज के बाद हुए विवाद और पुलिसिया कार्रवाई पर सियासत गरम है। बरेली के हालात का जानकारी लेने के लिए समाजवादी पार्टी ने शनिवार को बरेली जाने का ऐलान किया था। इस कड़ी में नेता विरोधी दल माता प्रसाद पांडेय की अगुवाई में 14 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को जाना था, लेकिन पुलिस ने शनिवार सुबह ही माता प्रसाद पांडेय को हाउस अरेस्ट कर लिया. उनके सेक्टर-11 वृंदावन कॉलोनी के आवास के बाहर पुलिस का कड़ा पहरा है। इसके अलावा संभल सांसद जियाउर्रहमान बर्क समेत कई सपा नेताओं के घर के बाहर पुलिस तैनात है। इसके अलावा बरेली में आंवला सांसद नीरज मौर्य भी हाउस अरेस्ट किए गए हैं।
सांसद नीरज मौर्य बोले-यह लोकतंत्र की हत्या : बरेली के आवंला सांसद नीरज मौर्य ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सपा प्रतिनिधिमंडल को रोकना गलत है। प्रशासन ने शासन के इशारे पर ऐसा किया है. हमारे महानगर अध्यक्ष ने कुछ लोगों को चुना था। सभी एकजुट होकर प्रशासनिक अफसरों से बात करते। पार्टी के जिलाध्यक्ष-महानगर अध्यक्ष डीएम से बात करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन बात नहीं हो पाई. प्रतिनिधिमंडल को आने से रोकना लोकतंत्र की हत्या है। सभी जनता के जुने हुए प्रतिनिधि हैं, उनको अधिकार है लोगों की समस्याएं सुनने का. पीड़ितों से मिलने की योजना थी।
संभल में सांसद जियाउर्रहमान बर्क के घर के बाहर पुलिस का पहरा : बरेली जाने वाले समाजवादी पार्टी के 14 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क के घर के बाहर भी बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है. सांसद बर्क के घर के बाहर दो अलग-अलग स्थानों की पुलिस की तैनाती है।