लीडरशिप कांक्लेव 2025 : शारदा विश्वविद्यालय में उद्योग, शिक्षा और प्रशासन जगत की हस्तियों ने साझा किए अनुभव
आगरा। शारदा विश्वविद्यालय, आगरा में “लीडरशिप कांक्लेव 2025” का दो दिवसीय आयोजन उत्साह और उल्लास के साथ प्रारंभ हुआ। कार्यक्रम के पहले दिन देश के उद्योग, शिक्षा और प्रशासन जगत की अनेक प्रतिष्ठित हस्तियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और विद्यार्थियों को नेतृत्व, नवाचार एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के मूल सिद्धांतों से अवगत कराया।
आगरा। शारदा विश्वविद्यालय, आगरा में “लीडरशिप कांक्लेव 2025” का दो दिवसीय आयोजन उत्साह और उल्लास के साथ प्रारंभ हुआ। कार्यक्रम के पहले दिन देश के उद्योग, शिक्षा और प्रशासन जगत की अनेक प्रतिष्ठित हस्तियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और विद्यार्थियों को नेतृत्व, नवाचार एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के मूल सिद्धांतों से अवगत कराया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश कुमार अवस्थी ने अपने प्रेरक संबोधन में कहा कि “लीडरशिप का अर्थ केवल पद या अधिकार नहीं, बल्कि जिम्मेदारी है। जो दूसरों को प्रेरित कर उनके जीवन में बदलाव लाता है, वही सच्चा नेता है।” उन्होंने कहा कि भारत का युवा परिवर्तन का वाहक है और उसे केवल करियर नहीं, बल्कि समाज के लिए दृष्टि लेकर कार्य करना चाहिए। “जब युवा अपने भीतर अनुशासन, जिम्मेदारी और सकारात्मक सोच विकसित करता है, तो वह स्वयं एक संस्थान बन जाता है। यही सच्ची लीडरशिप है।”
आईआईएम अहमदाबाद के निदेशक प्रो. (डॉ.) भारत भास्कर ने कहा कि “नेतृत्व का सार यही है कि व्यक्ति केवल स्वयं के लिए नहीं, बल्कि संगठन और समाज के लिए सोचता है। दृढ़ निश्चय और सही दिशा एक साधारण व्यक्ति को असाधारण नेता बनाते हैं।”
डिजिटल इंडिया और युवा नेतृत्व
डीजी यात्रा फाउंडेशन के सीईओ सुरेश खड़कभावी ने कहा कि “डिजिटल इंडिया का भविष्य उन युवाओं के हाथों में है जो तकनीक को समाज के विकास के लिए उपयोग करना जानते हैं। हर युवा को डिजिटल लीडर बनने की दिशा में प्रयास करना चाहिए।”
लीडरशिप और संगठन संस्कृति पर दृष्टिकोण
केपीएमजी इंडिया के लीडरशिप कोच साहिल नायर ने कहा कि “नेतृत्व केवल निर्णय लेने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि लोगों से जुड़ने की कला है। सच्चा लीडर वही है जो टीम में उद्देश्य की भावना जगाए।”
उन्होंने कहा “हर युवा में एक इनर लीडर छिपा है। आवश्यकता है उसे पहचानने और संवारने की। नेतृत्व की यात्रा भीतर से शुरू होती है।”
उद्यमिता और नवाचार की प्रेरणा
केजीको इंडस्ट्रीज के एम.डी. जय अग्रवाल ने कहा कि हर असफलता एक नई शुरुआत का अवसर है। यदि युवा आत्मविश्वास और नवाचार के साथ आगे बढ़ें तो वे देश की अर्थव्यवस्था में बदलाव ला सकते हैं। लघु उद्योग निगम के अध्यक्ष राकेश गर्ग ने कहा कि शिक्षा संस्थानों को उद्योग जगत से जुड़कर कौशल विकास और नवाचार के क्षेत्र में सहयोग करना चाहिए। वहीं डेवलपमेंट काउंसिल ऑफ फुटवियर के अध्यक्ष पूरन डावर ने कहा भारत ‘मेक इन इंडिया’ के माध्यम से विश्व का विनिर्माण केंद्र बनने की ओर अग्रसर है। युवाओं को नौकरी खोजने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनने का संकल्प लेना चाहिए।
नैतिक नेतृत्व का संदेश
श्री मनकामेश्वर महादेव मंदिर के महंत योगेश पुरी ने कहा कि लीडरशिप का पहला पाठ सेवा और त्याग है। जब मन स्थिर और लक्ष्य स्पष्ट होता है, तभी व्यक्ति सच्चे अर्थों में मार्गदर्शक बनता है।
शारदा विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. (डॉ.) जयंती रंजन ने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल शिक्षा देना नहीं, बल्कि ऐसे लीडर तैयार करना है जो समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकें। विवि के प्रो-चांसलर वाईके गुप्ता ने कहा कि लीडरशिप का आधार ईमानदारी और संवेदनशीलता है, इनके बिना सफलता अधूरी है।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. दिव्यानी ने आकर्षक शैली में किया। अंत में डॉ. दीप्ति वर्मा ने सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि शारदा विश्वविद्यालय आगरा सदैव विद्यार्थियों को नेतृत्व, नवाचार एवं राष्ट्र निर्माण के मार्ग पर प्रेरित करता रहेगा।
कार्यक्रम में कुलसचिव सुरेंद्र सिवाच, उपकुलसचिव डॉ. प्रवीण तिवारी, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी डॉ. खालिद मंसूर, डीएसडब्ल्यू डीन प्रो. शैलेंद्र सिंह, कन्वीनर मोहम्मद आरिफ, कोऑर्डिनेटर डॉ. सोनी शर्मा, इवेंट हेड डॉ. विशेष सिंह राजपूत, आनंदिता चौहान, अंबालिका आर्यन, सहित सभी डीन, विभागाध्यक्ष, डायरेक्टर्स, शिक्षक एवं विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इस अवसर पर चांसलर पीके गुप्ता ने शुभकामनाएं प्रेषित कीं।