लॉयंस क्लब प्रयास ने छात्राओं के लिए लगवायी सैनिटरी पैड डिस्पोजल मशीन

आगरा। बेटियों की सेहत की सुरक्षा के साथ पर्यावरण की चिंता समाज के हर वर्ग के व्यक्ति का प्रथम कर्तव्य है। महावारी के उन दिनों की गंदगी को अपने अंदर सोखने वाले सैनेटरी नैपकिन पर्यावरण के लिए चिंता का विषय हो सकते हैं।

Mar 24, 2025 - 18:00
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लॉयंस क्लब प्रयास ने छात्राओं के लिए लगवायी सैनिटरी पैड डिस्पोजल मशीन
गढ़ी भदौरिया स्थित श्रीमती वैजयंती देवी इंटर कॉलेज में सैनेटरी नैपकिन डिस्पोजल मशीन एवं स्मार्ट टीवी प्रदान करतीं लॉयंस क्लब प्रयास की अध्यक्ष अशु मित्तल, डॉ परिणीता बंसल, मीनाक्षी मोहन, शिप्रा बंसल, डॉ रचना अग्रवाल और आशु जैन।

− गढ़ी भदौरिया स्थित श्रीमती वैजंती देवी इंटर कॉलेज में प्रदान की मशीन एवं स्मार्ट क्लास के लिए टीवी 

इसके निस्तारण के लिए आवश्यक है विशेष इंतजाम। इसी विचार को समझते हुए लॉयंस क्लब प्रयास ने मासिक सेवा कार्य संपन्न किया। 

गढ़ी भदौरिया स्थित श्रीमती वैजयंती देवी इंटर कॉलेज में पढ़ने वाली छात्राओं के लिए लॉयंस क्लब प्रयास द्वारा सैनेटरी नैपकिन डिस्पोजल मशीन प्रदान की गई। साथ ही स्कूल की स्मार्ट क्लास हेतु एलइडी टीवी भी लगवायी। 

अध्यक्ष अशु मित्तल ने बताया कि स्कूल में पढ़ने वाली छात्राओं के लिए सैनेटिरी नैपकिन का निस्तारण बहुत बड़ी समस्या होती है। उनकी सहुलियत के लिए मशीन लगवायी गयी है। डॉ रचना अग्रवाल ने बताया कि एक शोध के अनुसार सैनेटरी नैपकिन 800 वर्षों तक डिस्पोजल नहीं होता। ये कल्पना भी डरा जाती है कि हम कितना बड़ा पहाड़ सैनेटरी नैपकिन का बनाते जा रहे हैं। जबकि महावारी का रक्त तमाम संक्रमणों से ग्रसित होता है। 

डॉ परिणीता बंसल ने कहा कि सैनेटरी नैपकिन डिस्पोजल मशीन नोएडा से विशेष रूप से मंगवायी गयी है। इसमें एक दिन में 300 से 500 पैड निस्तारित हो सकते हैं। इस मशीन में पैड डालने के बाद वो उच्च तापमान पर जल जाते हैं और राख के रूप में बाहर निकलते हैं। बैक्टीरिया और गंध को इस मशीन से खत्म किया जा सकता है। 

कार्यक्रम में स्कूल की छात्राओं को महावारी के दिनों में स्वच्छता कैसी रखी जाए, इसके बारे में भी बताया गया। इस अवसर पर कोषाध्यक्ष शिप्रा बंसल, मीनाक्षी मोहन, आशु जैन आदि उपस्थित रहीं।