प्रेम, लालच और अपराध, रोजर फैक्ट्री चोरी की चौंकाने वाली कहानी

आगरा के सिकंदरा स्थित रोजर इंडस्ट्रीज लिमिटेड में हुई करोड़ों की चोरी का पुलिस ने 72 घंटे में खुलासा किया। फैक्ट्री सुपरवाइजर अनुपम शर्मा ने भाई और दोस्त के साथ मिलकर अंदरूनी जानकारी के सहारे वारदात को अंजाम दिया। जंगल में छिपाया गया ₹66 लाख नकद और किलो भर ज्वेलरी बरामद हुई। तीनों आरोपी गिरफ्तार कर जेल भेजे गए, पुलिस टीम को इनाम देने की घोषणा हुई।

Jan 23, 2026 - 19:39
Jan 23, 2026 - 19:52
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प्रेम, लालच और अपराध, रोजर फैक्ट्री चोरी की चौंकाने वाली कहानी
चोरी की घटना का खुलासा करते पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार।

गर्लफ्रेंड संग बेंगलुरु में नई शुरुआत का सपना बना अपराध की वजह, सुपरवाइजर निकला मास्टरमाइंड, 72 घंटे में केस सॉल्व

आगरा। गर्लफ्रेंड के साथ बेंगलुरु में नई जिंदगी बसाने की चाहत ने एक फैक्ट्री सुपरवाइजर को अपराध की राह पर धकेल दिया। थाना सिकंदरा क्षेत्र स्थित रोजर इंडस्ट्रीज लिमिटेड में हुई करोड़ों की चोरी का आगरा पुलिस ने रिकॉर्ड समय में खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनके कब्जे से भारी मात्रा में नकदी और कीमती जेवरात बरामद किए हैं। इस कार्रवाई को पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है।

कैसे खुला मामला

19 जनवरी 2026 की सुबह रोजर इंडस्ट्रीज लिमिटेड के मालिक दीपक बुद्धिराजा को कर्मचारियों ने सूचना दी कि फैक्ट्री के प्रथम तल का गेट टूटा हुआ है। कार्यालय में रखी अलमारियों और लॉकरों के ताले क्षतिग्रस्त थे। मौके पर जांच में नकदी और ज्वेलरी गायब पाई गई। इसके बाद थाना सिकंदरा में अज्ञात चोरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की।

सीसीटीवी से खुली साजिश

पुलिस आयुक्त दीपक कुमार और डीसीपी नगर के निर्देशन में गठित टीमों ने घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में फैक्ट्री के ही सुपरवाइजर अनुपम शर्मा की गतिविधियां संदिग्ध नजर आईं। सख्ती से पूछताछ पर उसने पूरे चोरी कांड की साजिश उगल दी। अनुपम पिछले चार वर्षों से फैक्ट्री में कंप्यूटर ऑपरेटर व सुपरवाइजर था। उसे सुरक्षा व्यवस्था, चौकीदारों की ड्यूटी और अंदर-बाहर के रास्तों की पूरी जानकारी थी और इसी जानकारी का उसने गलत इस्तेमाल किया।

ऐसे रची गई करोड़ों की चोरी

अनुपम ने अपने भाई अनुराग शर्मा और दोस्त संजय सिंह उर्फ संजू के साथ मिलकर योजना बनाई। रविवार को छुट्टी और कम स्टाफ का फायदा उठाते हुए 19 जनवरी की रात अनुपम फैक्ट्री के पीछे बने रास्ते से अर्थिंग पाइप के सहारे टीनशेड पर चढ़ा, पहली मंजिल का शीशा तोड़कर अंदर घुसा और सीसीटीवी कैमरे का रुख ऊपर कर दिया।

इसके बाद लॉकर तोड़कर नकदी और ज्वेलरी बैग व बोरी में भरी। बाहर अनुराग और संजय निगरानी करते रहे। वारदात के बाद तीनों जंगल की ओर गए और माल को गड्ढा खोदकर छिपा दिया।

लालच बना वजह

पूछताछ में अनुपम ने बताया कि वह अपनी गर्लफ्रेंड के साथ बेंगलुरु में सेटल होना चाहता था, जिसके लिए बड़ी रकम चाहिए थी। मालिक के भरोसे का दुरुपयोग करते हुए उसने अपराध का रास्ता चुना।

घेराबंदी कर गिरफ्तारी, पूरा माल बरामद

पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी माल का बंटवारा करने जंगल पहुंचने वाले हैं। टीमों ने घेराबंदी कर तीनों को गिरफ्तार कर लिया। उनकी निशानदेही पर जंगल से गड्ढा खोदकर पूरा चोरी का माल बरामद किया गया। पुलिस ने आरोपियों के पास से ₹66,33,980 नकद, 3.800 किलो सोने व डायमंड ज्वेलरी और 5.500 किलो चांदी बरामद कर ली। 

आरोपी और कार्रवाई

गिरफ्तार आरोपी अनुपम शर्मा पुत्र स्व. दुर्गेश शर्मा (फैक्ट्री कर्मचारी), उसके भाई अनुराग शर्मा पुत्र स्व. दुर्गेश शर्मा और संजय सिंह उर्फ संजू पुत्र स्व. रघुराज सिंह
तीनों निवासी थाना बाह क्षेत्र, जिला आगरा को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया।

पुलिस की सराहना और इनाम

पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने बताया कि टीमों ने लगातार 72 घंटे मेहनत कर केस सॉल्व किया। SOG, सर्विलांस और थाना सिकंदरा पुलिस की अहम भूमिका रही। टीम को ₹25,000 नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देने की घोषणा की गई।