मलपुरा–छत्ता प्रकरण के बाद बड़ा एक्शन, आगरा पुलिस में बदलाव, लापरवाही पर गिरी गाज
आगरा। आगरा में कानून-व्यवस्था को लेकर पुलिस आयुक्त ने रविवार को बड़ा प्रशासनिक एक्शन लेते हुए कई थाना प्रभारियों और निरीक्षकों के तबादले कर दिए। यह फेरबदल पुलिस कमिश्नरेट स्थापना बोर्ड की बैठक में लिए गए निर्णयों के क्रम में किया गया है। माना जा रहा है कि यह कार्रवाई हालिया घटनाओं में सामने आई लापरवाही और विवादों के बाद की गई है।
पुलिस पर हमले और थर्ड डिग्री प्रकरण के बाद सख्त कदम, कमिश्नरेट स्थापना बोर्ड के फैसले पर अमल
आगरा। आगरा में कानून-व्यवस्था को लेकर पुलिस आयुक्त ने रविवार को बड़ा प्रशासनिक एक्शन लेते हुए कई थाना प्रभारियों और निरीक्षकों के तबादले कर दिए। यह फेरबदल पुलिस कमिश्नरेट स्थापना बोर्ड की बैठक में लिए गए निर्णयों के क्रम में किया गया है। माना जा रहा है कि यह कार्रवाई हालिया घटनाओं में सामने आई लापरवाही और विवादों के बाद की गई है।
सबसे अहम बदलाव थाना मलपुरा में देखने को मिला है। यहां के प्रभारी निरीक्षक को हटाकर नई तैनाती दी गई है। यह कदम हाल ही में मलपुरा क्षेत्र में पुलिस टीम पर हुए हमले से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसने विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए थे।
जारी आदेश के अनुसार अब तक थाना खंदौली के प्रभारी निरीक्षक रहे निरीक्षक राजेन्द्र प्रसाद वशिष्ठ को थाना मलपुरा का नया प्रभारी निरीक्षक नियुक्त किया गया है। वहीं मलपुरा में तैनात रहे प्रभारी निरीक्षक को हटाकर थाना खंदौली भेजा गया है। सूत्रों का कहना है कि मलपुरा क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को लेकर उच्च स्तर पर नाराजगी थी।
इसी क्रम में थर्ड डिग्री प्रकरण को लेकर चर्चा में रहे थाना छत्ता में भी बदलाव किया गया है। उपनिरीक्षक अंकुर मलिक को थाना कागारौल से हटाकर थाना छत्ता का थानाध्यक्ष बनाया गया है। यह बदलाव स्पष्ट संकेत देता है कि पुलिस मुख्यालय ऐसे मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रहा है।
इसके अलावा, निरीक्षक कुलदीप सिंह, जो अब तक पुलिस आयुक्त कार्यालय में जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) के पद पर तैनात थे, उन्हें थाना खंदौली का प्रभारी निरीक्षक नियुक्त किया गया है।
वहीं उपनिरीक्षक मोहित शर्मा, जो थाना हरीपर्वत क्षेत्र में नेहरू नगर चौकी प्रभारी थे, अब उन्हें थाना कागारौल का नया थानाध्यक्ष बनाया गया है। पुलिस आयुक्त कार्यालय से जारी आदेश में सभी संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नई तैनाती पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस महकमे में इस बड़े फेरबदल को अनुशासन सख्त करने, जवाबदेही तय करने और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।