राम मंदिर चढ़ावा चोरी में बड़ा एक्शन, ट्रस्ट की तहरीर पर मुकदमा दर्ज, अनुकल्प मिश्रा और लवकुश मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव समेत छह हिरासत में, रिपोर्ट में आठ लोगों के नाम, करोड़ों के गबन की परतें खुलनी शुरू
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में जांच ने बड़ा मोड़ ले लिया है। ट्रस्ट की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। रिपोर्ट दर्ज होते ही पहले दो आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया, जबकि आठ नामजद और कुछ अज्ञात लोगों को मामले में आरोपी बनाया गया है। एसआईटी की जांच में नकदी और आभूषणों की कथित हेराफेरी, निगरानी में लापरवाही और कई संदिग्ध वित्तीय लेनदेन के संकेत मिलने के बाद जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। कुछ ही देर बाद पुलिस ने चार और आरोपियों को हिरासत में ले लिया।
श्रीरामजन्मभूमि पुलिस स्टेशन में ट्रस्ट की तहरीर पर दर्ज रिपोर्ट में अनुकल्प मिश्रा और लवकुश मिश्रा को हिरासत में लिया गया है। एफआईआर में अविनाश शुक्ला, मनीष यादव, रमाशंकर मिश्रा, करुणेश पांडे, रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव और सुभाष श्रीवास्तव सहित कुल आठ लोगों को नामजद किया गया है। इसके अलावा कुछ अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। लवकुश मिश्रा व अनुकल्प मिश्रा को हिरासत में लिए जाने के कुछ समय बाद सुभाष श्रीवास्तव समेत तीन अन्य आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया। इन सभी से पुलिस द्वारा किसी गुप्त स्थान पर पूछताछ की जा रही है।
रिपोर्ट में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव के नाम शामिल नहीं हैं। हालांकि सूत्रों के अनुसार एसआईटी की दूसरे चरण की जांच में निगरानी व्यवस्था में कथित लापरवाही की भी जांच की जा रही है और इस संबंध में आगे नए तथ्य सामने आ सकते हैं।
जांच में अब तक केवल पिछले 45 दिनों की सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध हो सकी है। एसआईटी के अनुसार कई लोग फुटेज में नोटों की गड्डियां बनाते हुए दिखाई दिए हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ आरोपियों पर मंदिर में चढ़ावे के रूप में आई नकदी के साथ-साथ आभूषणों की कथित चोरी का भी संदेह है।
बता दें कि चढ़ावा चोरी की रिपोर्ट दर्ज होने से पहले ही लवकुश मिश्रा के घर से 10 लाख रुपये बरामद किए गए थे। लवकुश की हैसियत देखते ही देखती बदल गई। साधारण परिवार के लवकुश ने गांव में आलीशान मकान भी बनवाया। लवकुश द्वारा मंदिर से चोरी की गई रकम गोबर के उपलों में छिपाकर रखी गई थी। लवकुश मिश्रा और अनुकल्प मिश्रा नजदीकी रिश्तेदार हैं। सूत्रों के अनुसार एक अन्य आरोपी के घर से 80 लाख रुपये बरामद हुए हैं, जबकि एक आरोपी द्वारा अपनी पत्नी के बैंक खाते से 50 लाख रुपये निकालकर ट्रस्ट को वापस लौटाने की भी जानकारी जांच एजेंसियों को मिली है।
जांच में रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव की भूमिका भी संदेह के घेरे में बताई जा रही है। आरोप है कि नोटों की गिनती के कार्य में उसने अपने लोगों को लगाया था। उसके भतीजे के भी कथित रूप से इस मामले में शामिल होने की बात सामने आई है। पुलिस जल्द टिन्नू यादव को भी हिरासत में ले सकती है।
सूत्रों के अनुसार, टिन्नू यादव समेत संदेह के दायरे में आए कुछ लोगों को फिलहाल मंदिर परिसर में ही एक कमरे में रखा गया है। पुलिस अब आरोपियों की पिछले एक वर्ष में अर्जित संपत्तियों और आर्थिक लेनदेन की भी जांच कर सकती है।
यह भी जानकारी आई है कि इस मामले की जांच शुरू होने से पहले जो भी रकम बरामद हुई, वह स्वयं ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने पुलिस के साथ आरोपियों से बरामद की थी। चंपत राय लवकुश मिश्रा के घर पहुंचे थे, जहां से नकदी बरामद की गई। एसआईटी का कहना है कि मामले की जांच जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी।