पाक को बड़ा झटका, बलूचिस्तान के सोने और कॉपर की खदान से भाग रहा चीन, बलूचों की बड़ी जीत
बलूचों के हमले झेल रही पाकिस्तानी सेना के लिए बुरी खबर है। चीन की सरकारी कंपनी बलूचिस्तान के सैंदक खदान में अपना काम बंद कर सकती है। इस खान से चीनी कंपनी बड़े पैमाने पर कॉपर और सोना निकालती है।
इस्लामाबाद। अमेरिका से लेकर चीन तक को बलूचिस्तान के सोने और दुर्लभ खनिजों का लालच दे रहे पाकिस्तान को बड़ा झटका लगा है। पाकिस्तान के पूर्व वित्त मंत्री हाफिज पाशा ने खुलासा किया है कि चीन आतंकवाद और सुरक्षा चिंताओं के कारण बलूचिस्तान के सैंदक कॉपर-गोल्ड खदान से बाहर हो सकता है। अनुमान है कि बलूचिस्तान के इस सैंदक खदान में 278 मिलियन टन कॉपर और गोल्ड का भंडार मौजूद है। पाशा ने एक इंटरव्यू में यह भी खुलासा किया कि पाकिस्तान में नया निवेश आने की बजाय बड़े विदेशी निवेशक यहां से भाग रहे हैं। पाशा का यह बयान ऐसे समय पर आया है जब बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना पर भीषण हमले हुए हैं।
हाफिज पाशा ने कहा, 'शेल, प्रॉक्टर एंड गैंबल और कई दवा कंपनियां पाकिस्तान छोड़कर जा चुकी हैं। आतंकवाद की वजह से पैदा हुआ खतरा विदेशी निवेशकों को आने से रोक रहा है।' उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अमेरिका से 10 अरब डॉलर का बेलआउट पैकेज मांग रहा है लेकिन यह उसकी मदद नहीं कर पाएगा। पाशा ने कहा, 'पाकिस्तान एक बड़े परिवार की तरह से है जिसे अचानक से कहीं से बड़ा बोनस मिलता है और वह उड़ाने लगती है। यह पाकिस्तान की कहानी है।'
यह पूछे जाने पर कि पाकिस्तान एक स्थिर विकास और मजबूत अर्थव्यवस्था वाला देश क्यों नहीं बन पा रहा है, इस पर पाशा ने कहा कि इसके पीछे सत्ता पर काबिज एलिट हैं। बता दें कि जुलाई महीने में ही चीनी कंपनी सैंदक मेटल लिमिटेड ने पाकिस्तान के ऊर्जा मंत्री को एक पत्र लिखकर चेतावनी दी थी कि अगर बलूचिस्तान में सुरक्षा के हालात की वजह से सप्लाई बाधित रही और हालात खराब हुए तो वह एक महीने में अपना काम बंद कर देगी। कंपनी ने कहा कि बलूचिस्तान में अभी सुरक्षा खतरे के की वजह से जरूरी सामानों का आवागमन नहीं हो पा रहा है।
चीनी कंपनी ने अपने पत्र में कहा कि जरूरी सप्लाई नहीं मिलने की वजह से उसे अपना काम बंद करना पड़ सकता है। Saindak पाकिस्तान में चीन की ओर से संचालित सबसे बड़ी सोने और कॉपर की खान है। इसे चीन की सरकारी कंपनी Metallurgical Corporation और पाकिस्तान की कंपनी एसएमएल संचालित करती है। इसमें से निकाला गया ज्यादा कॉपर चीन जाता है। बता दें कि बलूचों ने धमकी दी है कि चीन बलूचिस्तान से अपना बोरिया बिस्तर समेट ले।
बलूचों ने चीन के कई प्रोजेक्ट पर हमला किया है। इन हमलों में कई चीनी नागरिक मारे गए हैं। बलूच बलूचिस्तान के अंदर चीन के सीपीईसी प्रोजेक्ट का खुला विरोध कर रहे हैं। वहीं अब पाकिस्तान चाहता है कि अमेरिका भी बलूचिस्तान में आए ताकि बलूचों के हमलों को रोका जा सके। पाकिस्तान का आरोप है कि भारत बलूचों को सपोर्ट करता है। बलूचों ने हाल ही में 11 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस मनाने का ऐलान किया है।