एसएन में 55 वर्षीय मरीज के पेट से निकाला 9 किलो का विशाल ट्यूमर, 5 दिन में मिली नई जिंदगी

आगरा के एस.एन. मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों ने 55 वर्षीय मरीज के पेट से 9 किलो से अधिक वजन का विशाल ट्यूमर सफलतापूर्वक निकालकर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। गैस्ट्रोसर्जरी विभाग के डॉ. अभिषेक अरोड़ा के नेतृत्व में हुई इस जटिल सर्जरी में न्यूनतम रक्तस्राव हुआ और किसी महत्वपूर्ण अंग को नुकसान नहीं पहुंचा। ऑपरेशन के बाद मरीज की तेजी से रिकवरी हुई और उसे मात्र पांच दिनों में स्वस्थ अवस्था में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

Jul 25, 2026 - 19:57
 0
एसएन में 55 वर्षीय मरीज के पेट से निकाला 9 किलो का विशाल ट्यूमर, 5 दिन में मिली नई जिंदगी
मरीज व चिकित्सकों का दल।

आगरा। सरोजिनी नायडू (एस.एन.) मेडिकल कॉलेज के गैस्ट्रोसर्जरी विभाग ने चिकित्सा क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए बेहद जटिल और जोखिमपूर्ण सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। मेडिकल कॉलेज की विशेषज्ञ सर्जिकल टीम ने 55 वर्षीय मरीज के पेट से 9 किलोग्राम से अधिक वजन का विशालकाय ट्यूमर निकालकर उसे नया जीवन दिया। खास बात यह रही कि पूरी सर्जरी के दौरान न्यूनतम रक्तस्राव (Minimal Blood Loss) हुआ और शरीर के किसी भी महत्वपूर्ण अंग को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।

जानकारी के अनुसार, मरीज टीकम सिंह पिछले करीब डेढ़ महीने से पेट में लगातार बढ़ती सूजन, भारीपन और गंभीर असहजता से परेशान थे। समस्या बढ़ने पर उन्होंने एस.एन. मेडिकल कॉलेज में उपचार कराया। विशेषज्ञ चिकित्सकों ने विस्तृत जांच, स्कैन और अन्य परीक्षणों के बाद पाया कि मरीज के आमाशय (स्टमक) के पिछले हिस्से में अत्यंत बड़ा ट्यूमर विकसित हो चुका है, जिसे निकालना चिकित्सकीय दृष्टि से बेहद चुनौतीपूर्ण था।

इस जटिल ऑपरेशन की जिम्मेदारी गैस्ट्रोसर्जरी विभाग के डॉ. अभिषेक अरोड़ा के नेतृत्व में विशेषज्ञ टीम ने संभाली। कई घंटों तक चली इस सर्जरी में डॉक्टरों ने अत्याधुनिक तकनीक और उच्च स्तरीय सर्जिकल कौशल का प्रदर्शन करते हुए 9 किलो से अधिक वजन के ट्यूमर को सफलतापूर्वक बाहर निकाला। ऑपरेशन के दौरान रक्तस्राव बेहद कम हुआ और आसपास स्थित महत्वपूर्ण अंग पूरी तरह सुरक्षित रहे।

सर्जरी के बाद मरीज की रिकवरी उम्मीद से कहीं अधिक तेज रही। डॉक्टरों की निगरानी में इलाज के बाद मात्र पांच दिनों के भीतर मरीज पूरी तरह स्वस्थ होकर अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। वर्तमान में मरीज सामान्य भोजन कर रहे हैं और बिना किसी परेशानी के चल-फिर भी रहे हैं।

प्राचार्य ने टीम की सराहना की

एस.एन. मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य एवं डीन डॉ. प्रशांत गुप्ता ने इस सफलता पर पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि संस्थान का उद्देश्य आम लोगों को विश्वस्तरीय और अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि गैस्ट्रोसर्जरी, एनेस्थीसिया और ऑपरेशन थिएटर (ओटी) की टीम ने जिस दक्षता और समर्पण के साथ इतनी जटिल सर्जरी को सफल बनाया है, वह मेडिकल कॉलेज की विशेषज्ञता का प्रमाण है। न्यूनतम रक्तस्राव के साथ इतनी बड़ी सर्जरी का सफल होना और मरीज का मात्र पांच दिनों में स्वस्थ होकर घर लौटना संस्थान के लिए गर्व की बात है।

प्राचार्य एवं डीन सर्जरी डॉ. प्रशांत गुप्ता  और सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. राजेश गुप्ता  के मार्गदर्शन में ऑपरेशन को सफल बनाने वाली टीम डॉ. अभिषेक अरोड़ा (गैस्ट्रोसर्जरी), डॉ. लवीना, डॉ. मनु, डॉ. विशाल, एनेस्थीसिया एवं आईसीयू टीम में डॉ. अतिहर्ष, डॉ. अंकिता, डॉ. सचिन, डॉ. हेमंत और ओटी पैरामेडिकल स्टाफ में शायना, जसवंत, पायल व जयकिशन शामिल रहे।