ज्ञानवापी पर मौलाना शहाबुद्दीन रजवी का धीरेंद्र शास्त्री पर पलटवार, बोले- कयामत तक मस्जिद ही रहेगी

काशी के ज्ञानवापी परिसर को लेकर दिए गए बयान पर देश में नई बहस छिड़ गई है। एक ओर जहां बागेश्वर पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री के बयान ने विवाद को हवा दी, वहीं दूसरी ओर बरेली के मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इसे भड़काऊ करार दिया और अदालत के फैसले को ही अंतिम मानने की बात कही।

Apr 20, 2026 - 18:42
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ज्ञानवापी पर मौलाना शहाबुद्दीन रजवी का धीरेंद्र शास्त्री पर पलटवार, बोले- कयामत तक मस्जिद ही रहेगी

-आरके सिंह-

बरेली। बागेश्वर पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री द्वारा काशी में दिए गए बयान, जिसमें उन्होंने ज्ञानवापी मस्जिद को ‘कलंक’ बताते हुए उस पर भगवा झंडा लहराने की बात कही थी, पर सोमवार को ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की।

मौलाना ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ज्ञानवापी मस्जिद, मस्जिद है और उसे ‘कलंक’ कहना पूरी तरह गलत है। उन्होंने कहा कि मस्जिद की दरो-दीवार और गुम्बद पर कयामत तक कोई भगवा झंडा नहीं लहरा सकता।

उन्होंने आगे कहा कि इस तरह के बयान बहुसंख्यक समुदाय को उकसाने और माहौल खराब करने की कोशिश हैं। उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री को चेताते हुए कहा कि वे इस प्रकार की बयानबाज़ी से बचें और सामाजिक सौहार्द बनाए रखें।

मौलाना रजवी ने यह भी कहा कि ज्ञानवापी प्रकरण अदालत में विचाराधीन है, जहां हिंदू और मुस्लिम दोनों पक्ष अपनी-अपनी दलीलें पेश कर रहे हैं। ऐसे में अदालत जो भी निर्णय देगी, वह सभी के लिए मान्य होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के बयान मुकदमे को प्रभावित करने की कोशिश हैं और अदालत को स्वतः संज्ञान लेते हुए संबंधित व्यक्ति को तलब करना चाहिए।

शरियत का हवाला देते हुए मौलाना ने कहा कि इस्लामी कानून किसी भी मंदिर को तोड़कर मस्जिद बनाने की इजाजत नहीं देता। उन्होंने कहा कि इस विषय में गलत तथ्य प्रस्तुत कर समाज को गुमराह किया जा रहा है।

मौलाना ने दोहराया कि ज्ञानवापी मस्जिद है और कयामत तक मस्जिद ही रहेगी, इस पर किसी प्रकार का समझौता संभव नहीं है।

SP_Singh AURGURU Editor