विश्व वेटलैंड्स दिवस पर जोधपुर झाल से जैव विविधता, प्रवासी पक्षियों और पर्यावरण रक्षा का संदेश

फरह (मथुरा)। आगरा–मथुरा सीमा पर स्थित जोधपुर झाल वेटलैंड एक बार फिर पर्यावरण संरक्षण के राष्ट्रीय विमर्श के केंद्र में रहा। विश्व वेटलैंड्स दिवस के अवसर पर यहां आयोजित एक दिवसीय विशेष कार्यक्रम में वेटलैंड संरक्षण, जैव विविधता, प्रवासी पक्षियों और सांस्कृतिक सरोकारों को एक सूत्र में पिरोते हुए आमजन को जागरूक करने का सशक्त प्रयास किया गया। यह आयोजन न केवल पर्यावरणीय चेतना का प्रतीक बना, बल्कि ब्रज क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को प्रकृति संरक्षण से जोड़ने का जीवंत उदाहरण भी प्रस्तुत करता नजर आया।

Feb 2, 2026 - 19:43
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विश्व वेटलैंड्स दिवस पर जोधपुर झाल से जैव विविधता, प्रवासी पक्षियों और पर्यावरण रक्षा का संदेश
विश्व वेटलैंड्स दिवस पर जोधपुर झाल पर बर्ड वाचिंग के लिए पहुंचे बृज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्र और अन्य अधिकारी छात्र-छात्राओं द्वारा बनाए चित्रों का अवलोकन करते हुए।  

कार्यक्रम के अंतर्गत उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद एवं वन विभाग के अधिकारियों को जोधपुर झाल वेटलैंड पर बर्ड वॉचिंग कराई गई। इस दौरान अधिकारियों ने विभिन्न प्रवासी पक्षियों की प्रजातियों का अवलोकन किया और वेटलैंड की पारिस्थितिकी को नजदीक से समझा।

प्रसिद्ध इकोलॉजिस्ट डॉ. के. पी. सिंह ने फील्ड विजिट कराते हुए बताया कि जोधपुर झाल वेटलैंड एशिया और यूरोप के दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाले सैकड़ों प्रवासी पक्षियों के लिए सुरक्षित विश्राम और भोजन स्थल है। उन्होंने कहा कि यह वेटलैंड प्रवासी पक्षियों के माइग्रेशन रूट में एक अहम कड़ी है, जिसे संरक्षित रखना भविष्य के लिए अनिवार्य है।

कार्यक्रम में जीजीआईसी स्कूल फरह, ऋषिकुल स्कूल एवं सूरज गोविंद स्कूल के विद्यार्थियों ने चित्रकला प्रतियोगिता में उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों ने अपनी रंगीन कलाकृतियों के माध्यम से जल संरक्षण, वेटलैंड्स, पक्षियों और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का प्रभावशाली संदेश दिया। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को मुख्य अतिथियों द्वारा मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर बीआरडीएस संस्था की ओर से वेटलैंड और जैव विविधता विषय पर एक फोटो प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसने आगंतुकों और विद्यार्थियों का विशेष ध्यान आकर्षित किया और संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता को और मजबूत किया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्र ने कहा कि वेटलैंड्स केवल जल स्रोत या पक्षियों का आवास नहीं हैं, बल्कि वे हमारी सांस्कृतिक विरासत और जीवन पद्धति का अभिन्न हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि ब्रज क्षेत्र में प्रकृति और संस्कृति का संबंध सदियों पुराना है, जिसे पुनर्जीवित करना समय की आवश्यकता है।

परिषद के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सूरज पटेल ने जोधपुर झाल वेटलैंड के संरक्षण हेतु किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए इसे ब्रज क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि जब तक प्रकृति संरक्षण को सांस्कृतिक चेतना से नहीं जोड़ा जाएगा, तब तक यह जनआंदोलन का रूप नहीं ले सकता।

प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी, मथुरा (डीएफओ) वेंकट श्रीकर पटेल ने कहा कि जोधपुर झाल वेटलैंड को वैधानिक संरक्षण प्रदान करने से जुड़े कार्यों में तेजी लाई जाएगी, ताकि इसकी प्राकृतिक संरचना, जैव विविधता और पारिस्थितिकी को दीर्घकाल तक सुरक्षित रखा जा सके।

कार्यक्रम का संचालन क्षेत्रीय वनाधिकारी अतुल तिवारी ने किया। इस अवसर पर पर्यावरण सलाहकार मुकेश शर्मा, एसडीओ मथुरा सुशील कुमार, एसडीओ सादाबाद मनीष कुमार शर्मा, जिला पर्यावरण समिति सदस्य मनोज सक्सेना, ग्राम प्रधान सहित अनेक अधिकारी, पर्यावरणविद्, शिक्षक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

SP_Singh AURGURU Editor