मानसून ने पकड़ी रफ्तार, 17 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट; पूर्वोत्तर में बाढ़ और भूस्खलन से बिगड़े हालात

नई दिल्ली। दक्षिण-पश्चिम मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। भारत मौसम विभाग (आईएमडी) ने सोमवार के लिए उत्तर, पूर्व, मध्य और दक्षिण भारत के अनेक राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश, आंधी और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। कई स्थानों पर 50 से 85 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। वहीं पूर्वोत्तर भारत में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने हालात बेहद गंभीर बना दिए हैं। असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बाढ़, भूस्खलन और जलभराव का खतरा लगातार बढ़ रहा है।

Jun 28, 2026 - 22:32
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मानसून ने पकड़ी रफ्तार, 17 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट; पूर्वोत्तर में बाढ़ और भूस्खलन से बिगड़े हालात

17 राज्यों में बारिश और आंधी की चेतावनी

मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक तथा केरल सहित अनेक राज्यों में गरज-चमक के साथ वर्षा होने की संभावना है। कई इलाकों में बिजली गिरने और तेज हवाओं को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

दिल्ली-एनसीआर को गर्मी से मिल सकती है राहत

दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम और आसपास के क्षेत्रों में भी सोमवार को हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई गई है। इससे पिछले कई दिनों से जारी उमस और गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि मौसम विभाग ने खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और यातायात संबंधी सावधानी बरतने की सलाह दी है।

पूर्वोत्तर में रेड अलर्ट, बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बढ़ा

पूर्वोत्तर भारत सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र बना हुआ है। असम और मेघालय के कई जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है, जबकि अरुणाचल प्रदेश समेत अन्य राज्यों में भी अत्यधिक वर्षा की चेतावनी दी गई है। लगातार बारिश से ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। निचले इलाकों में जलभराव, कई स्थानों पर सड़क संपर्क बाधित होने तथा भूस्खलन की घटनाओं की आशंका बनी हुई है। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है और लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।

कई राज्यों में जलभराव और परिवहन प्रभावित होने की आशंका

मौसम विभाग का कहना है कि लगातार बारिश के कारण शहरी क्षेत्रों में जलभराव, ग्रामीण इलाकों में सड़कें क्षतिग्रस्त होने और रेल तथा सड़क परिवहन प्रभावित होने की संभावना है। पर्वतीय राज्यों और पूर्वोत्तर के पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा भी बना हुआ है। प्रशासन ने आपदा प्रबंधन एजेंसियों को अलर्ट पर रखा है।

किसानों के लिए राहत, लेकिन सतर्कता जरूरी

मानसून की सक्रियता से खरीफ फसलों की बुवाई को गति मिलने की उम्मीद है, जिससे कृषि क्षेत्र को राहत मिल सकती है। हालांकि अत्यधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में खेतों में जलभराव और फसलों को नुकसान की आशंका भी जताई गई है। मौसम विभाग ने किसानों को स्थानीय मौसम पूर्वानुमान के अनुसार कृषि कार्य करने की सलाह दी है।

SP_Singh AURGURU Editor