प्रदूषित पानी पर सांसद चाहर ने दिल्ली की मुख्यमंत्री से की मुलाकात, आगरा-मथुरा की नहरों में शुद्ध जल उपलब्ध कराने का मिला ठोस आश्वासन

दिल्ली से नहरों में आ रहे प्रदूषित पानी की गंभीर समस्या को लेकर भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं फतेहपुर सीकरी से सांसद राजकुमार चाहर ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से मुलाकात कर किसानों की पीड़ा सामने रखी। सांसद की पहल पर मुख्यमंत्री ने मथुरा और आगरा की नहरों में शुद्ध जल उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया।

Feb 10, 2026 - 18:31
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प्रदूषित पानी पर सांसद चाहर ने दिल्ली की मुख्यमंत्री से की मुलाकात, आगरा-मथुरा की नहरों में शुद्ध जल उपलब्ध कराने का मिला ठोस आश्वासन
आगरा की नहरों में दिल्ली का प्रदूषित पानी पहुंचने की समस्या को लेकर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के साथ बैठक करते सांसद और भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राज कुमार चाहर।

आगरा। किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं फतेहपुर सीकरी से सांसद राजकुमार चाहर ने दिल्ली से यमुना व नहरों में आ रहे अत्यधिक प्रदूषित पानी की समस्या को लेकर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से मुलाकात की। इस दौरान सांसद चाहर ने मुख्यमंत्री को एक विस्तृत पत्र सौंपते हुए तथ्यों के साथ समस्या से अवगत कराया और समाधान के लिए ठोस सुझाव भी रखे।

सांसद चाहर ने पत्र के माध्यम से बताया कि हथनी कुंड बैराज से यमुना में आने वाला पानी वजीराबाद बैराज पर पूरी तरह रोक लिया जाता है, जबकि वजीराबाद से ओखला बैराज तक करीब 18 नाले सीधे यमुना में गिरते हैं। इसके चलते ओखला बैराज तक यमुना में प्राकृतिक जल नहीं पहुंच पाता और केवल नालों का अत्यधिक दूषित पानी ही बहता रहता है।

उन्होंने बताया कि यही प्रदूषित पानी आगरा कैनाल के माध्यम से हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के मथुरा व आगरा जिलों में सिंचाई के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। गंगा नदी से 1800 क्यूसिक जल ओखला बैराज में लाए जाने के बावजूद नालों की गंदगी और दुर्गंध के कारण यमुना की जल गुणवत्ता बेहद खराब बनी हुई है।

सांसद चाहर ने कहा कि मजबूरी में किसान इसी जहरीले पानी से फसलों की सिंचाई कर रहे हैं, जिसके कारण कैंसर, चर्म रोग सहित गंभीर बीमारियों के मामले किसानों में बढ़ रहे हैं। इतना ही नहीं, इसी पानी से उगाई गई फसलों के सेवन से आमजन के स्वास्थ्य पर भी खतरा मंडरा रहा है।

उन्होंने मांग की कि नालों के पानी का समुचित ट्रीटमेंट करने के बाद ही उसे यमुना में प्रवाहित किया जाए, ताकि नदी स्वच्छ रह सके। साथ ही उन्होंने वजीराबाद बैराज से न्यूनतम 354 क्यूसिक पानी निरंतर छोड़े जाने का भी आग्रह किया।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सांसद की बातों को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि मथुरा और आगरा जिलों की नहरों में शुद्ध पानी उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे किसानों को सिंचाई में राहत मिले और गंभीर बीमारियों से बचाव हो सके।

मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में जानकारी दी कि दिल्ली सरकार यमुना प्रदूषण को लेकर मिशन मोड में काम कर रही है। सीवेज ट्रीटमेंट क्षमता को लगभग 1500 एमजीडी तक बढ़ाया जा रहा है, जिसके लिए मौजूदा एसटीपी का उन्नयन और नई व विकेंद्रीकृत एसटीपी स्थापित की जा रही हैं।

उन्होंने बताया कि दिल्ली की 1799 अनधिकृत कॉलोनियों को दिसंबर 2026 से दिसंबर 2028 के बीच चरणबद्ध तरीके से सीवर नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। नजफगढ़ और शाहदरा जैसे बड़े नालों से जुड़े छोटे नालों की निगरानी के लिए ड्रोन सर्वे कराया जा रहा है। यमुना की सफाई और गाद हटाने के लिए फिनलैंड से विशेष मशीनें मंगाई गई हैं। इसके अलावा डीपीसीसी और सीपीसीबी की टीमें 47 चिन्हित स्थानों पर हर माह जल गुणवत्ता की जांच कर रही हैं।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया कि इस विषय में हरियाणा और उत्तर प्रदेश सरकारों के साथ भी समन्वय स्थापित किया जाएगा और यमुना नदी की सफाई व पुनर्जीवन की जिम्मेदारी दिल्ली सरकार पूरी गंभीरता से निभाएगी।

वहीं सांसद राजकुमार चाहर ने विश्वास जताया कि दिल्ली सरकार के इन प्रयासों से आने वाले समय में नहरों को स्वच्छ जल मिलेगा, जिससे किसानों को सिंचाई और अन्न उत्पादन में राहत मिलेगी और किसानों को बड़ी राहत प्राप्त होगी।

SP_Singh AURGURU Editor